मुंबई में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दादर स्थित तिलक ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने घोषणा की है कि 12 फरवरी से 12 मई 2026 तक इस पुल पर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे के बीच ट्रेलर, मिक्सर, डंपर और अन्य भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
ये फैसला ट्रैफिक जाम कम करने और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रतिबंध की वजह क्या है?
फिलहाल एलफिंस्टन फ्लाईओवर और सायन रेलवे ब्रिज के पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। इसके चलते ठाणे और नवी मुंबई से आने वाला ट्रैफिक धारावी और तिलक ब्रिज की ओर डायवर्ट किया गया है। इस डायवर्जन के कारण दादर और माटुंगा इलाकों में अत्यधिक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इसी समस्या से निपटने के लिए तिलक ब्रिज पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की गई है।
वैकल्पिक मार्ग
ईस्टर्न सबर्ब्स और नवी मुंबई से आने वाले वाहन
मुलुंड, मानखुर्द और नवी मुंबई से आने वाले भारी वाहन तिलक ब्रिज की बजाय सायन हॉस्पिटल जंक्शन से दाएं मुड़ेंगे। इसके बाद वाहन सुलोचना शेट्टी मार्ग, कुंभरवाड़ा जंक्शन, कटारिया मार्ग, शोभा होटल, सावरकर रोड, चैत्यभूमि, सिद्धिविनायक मंदिर और अप्पासाहेब मराठे चौक से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
परेल और लालबाग की दिशा में जाने वाले वाहन
दादर T.T. ब्रॉडवे जंक्शन से भारी वाहन हिंदमाता ब्रिज, परेल वर्कशॉप, लालबाग ब्रिज, भारतमाता सिग्नल से गरम खड़ा सिग्नल की ओर बढ़ेंगे। वहां से दाएं मुड़कर चिंचपोकली ब्रिज के रास्ते आगे बढ़ना होगा।
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड से उत्तर की ओर जाने वाला ट्रैफिक
उत्तर दिशा में जाने वाले भारी वाहन तिलक ब्रिज से बचते हुए दादर T.T. सर्कल, माहेश्वरी सर्कल, अरोड़ा जंक्शन, सायन हॉस्पिटल, कुंभरवाड़ा जंक्शन, कटारिया ब्रिज, सावरकर रोड और सिद्धिविनायक मंदिर मार्ग का उपयोग करेंगे।
सेना भवन से सायन की ओर
सेना भवन से आने वाला ट्रैफिक L.J. रोड, शोभा होटल, कटारिया रोड, कुंभरवाड़ा जंक्शन और सुलोचना शेट्टी मार्ग के जरिए सायन की ओर जा सकेगा।
आम लोगों पर क्या असर?
हालांकि ये प्रतिबंध केवल भारी वाहनों पर लागू है, लेकिन रूट डायवर्जन के कारण अन्य वाहनों को भी ट्रैफिक पैटर्न में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
तीन महीने तक लागू रहने वाले इस फैसले का उद्देश्य दादर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और निर्माण कार्य के दौरान जाम की समस्या को नियंत्रित करना है।
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