महाराष्ट्र में जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई से संचालित एम2एम रो-रो फेरी सेवा का विस्तार करते हुए अब इसे विजयदुर्ग तक शुरू किया जा रहा है। राज्य के मंत्री नितेश राणे ने घोषणा की है कि 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा की औपचारिक शुरुआत होगी।
मुंबई से विजयदुर्ग तक होगा पहला विस्तारित रूट
फिलहाल रो-रो फेरी सेवा मुंबई से अलीबाग तक संचालित हो रही है। अब इस सेवा को आगे बढ़ाकर विजयदुर्ग तक जोड़ा जा रहा है। मंत्री नितेश राणे के अनुसार, ये परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी नींव उस समय रखी गई थी जब वर्ष 2014 से 2019 के बीच बंदरगाह विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास थी।
उन्होंने बताया कि जलमार्ग के विस्तार से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव भी घटेगा। आने वाले समय में रत्नागिरी, रायगढ़ और अन्य तटीय क्षेत्रों को भी इस जल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा शुरू होने से कोंकण क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। तटीय किलों, समुद्र तटों और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही जल परिवहन सेवाओं के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय व्यवसाय, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
रो-रो फेरी सेवा क्या है?
रो-रो (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा एक आधुनिक जल परिवहन प्रणाली है, जिसमें यात्री अपने वाहन जैसे कार, बाइक, बस या ट्रक के साथ सीधे जहाज पर चढ़ सकते हैं। जहाज में विशेष रैंप लगाए जाते हैं, जिससे वाहन आसानी से अंदर और बाहर आ-जा सकें।
इस प्रणाली से यात्रियों को लंबी सड़क यात्रा से राहत मिलती है और समय व ईंधन दोनों की बचत होती है।
टीपू सुल्तान विवाद पर मंत्री की प्रतिक्रिया
नितेश राणे ने समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान कुछ संगठन ‘जय भीम’ और ‘जय मीम’ जैसे नारे लगाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद स्थितियां बदल जाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर टीपू सुल्तान की तस्वीरें लगाई जाती हैं, जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें नजर नहीं आतीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नगर निकाय संविधान के अनुसार कार्य करते हैं और यदि कोई विवादित गतिविधि सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मदरसों की व्यवस्था पर समीक्षा की मांग
मंत्री ने मदरसों से जुड़े एक वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी भी संस्थान में बच्चों के साथ हिंसा होती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों की व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है और जहां जरूरत हो, वहां ऑडिट और जांच कर उन्हें आधुनिक शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर वो मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। कुछ राज्यों, जैसे असम और उत्तर प्रदेश, में मदरसों को सामान्य स्कूलों में बदलने की पहल पहले ही की जा चुकी है।
मुंबई से विजयदुर्ग तक रो-रो फेरी सेवा की शुरुआत महाराष्ट्र के जल परिवहन नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे कोंकण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, मंत्री द्वारा उठाए गए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों ने भी राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
ये भी पढ़ें: NCERT ने हटाया न्यायपालिका पर विवादित चैप्टर, 38 बिकी कॉपियां बनीं नई परेशानी































