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इंदौर में रैपिडो चालक की हैवानियत: नाबालिग लड़की को सस्ते कपड़ों का लालच देकर किया दुष्कर्म

इंदौर
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मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रावजी बाजार थाना क्षेत्र से जुड़े एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाले मामले में एक रैपिडो बाइक चालक ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दरिंदगी की हदें पार कर दीं। पीड़िता ने खरीदारी के लिए राजवाड़ा जाने हेतु मोबाइल ऐप के जरिए रैपिडो बुक की थी, लेकिन आरोपी ने सस्ते कपड़ों का झांसा देकर उसे अपने कमरे पर ले जाकर जबरन दुष्कर्म किया। इस घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

घटना का पूरा क्रम क्या था?

पुलिस के अनुसार, पीड़िता (17 वर्ष) ने रविवार को घर से निकलकर राजवाड़ा बाजार में खरीदारी करने के इरादे से रैपिडो ऐप के माध्यम से बाइक बुक की। बुकिंग के बाद आए चालक ने उसे राजवाड़ा पहुंचाया, लेकिन वहां से आगे बढ़ते हुए उसने लड़की को लालच दिया कि वो बेहद सस्ते दामों पर अच्छे कपड़े दिला सकता है। भोली-भाली नाबालिग इस झांसे में आ गई और आरोपी के साथ परदेसीपुरा इलाके में उसके कमरे/फ्लैट पर चली गई।

वहां पहुंचते ही आरोपी ने अपनी असलियत दिखाई और लड़की के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। अपराध के बाद आरोपी ने पीड़िता को रावजी बाजार इलाके में एक मंदिर के पास छोड़कर फरार हो गया। बदहवास और सदमे में पीड़िता काफी देर तक मंदिर के पास बैठी रही।

पीड़िता ने ChatGPT की मदद से पुलिस से संपर्क किया

घटना के बाद पीड़िता ने खुद को संभाला और मदद मांगने के लिए ChatGPT (चैटजीपीटी) का सहारा लिया। उसने AI टूल से महिला अपराध हेल्पलाइन और चाइल्डलाइन नंबर सर्च करवाए और तुरंत रावजी बाजार थाने पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की बहादुरी और तकनीक के सही इस्तेमाल ने पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में मदद की।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

  • रावजी बाजार पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज की।
  • मामला धारा 376 (दुष्कर्म) और POCSO एक्ट (बाल यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम) के तहत दर्ज किया गया।
  • आरोपी अभी तक अज्ञात है, लेकिन पुलिस ने रैपिडो ऐप से चालक की पूरी जानकारी मंगाई है।
  • राजवाड़ा से परदेसीपुरा रूट के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी गई है।
  • कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।

समाज और सुरक्षा पर उठते सवाल

ये घटना ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवाओं (जैसे रैपिडो, उबर, ओला आदि) में सुरक्षा के अभाव को उजागर करती है। नाबालिग लड़कियों के लिए ऐसी सेवाओं का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है? ऐप कंपनियों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया, राइडर ट्रैकिंग और आपातकालीन बटन जैसी सुविधाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

महिला संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इस मामले में त्वरित न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इंदौर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा और मामले की गहन जांच की जा रही है।

महत्वपूर्ण बातें याद रखें

  • नाबालिग के साथ कोई भी अपराध POCSO एक्ट के तहत गंभीर माना जाता है, जिसमें उम्रकैद या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
  • ऐसी घटनाओं में तुरंत पुलिस से संपर्क करें: महिला हेल्पलाइन 1091, चाइल्डलाइन 1098 या स्थानीय थाना।
  • ऑनलाइन बुकिंग करते समय राइडर की डिटेल्स चेक करें और रूट ट्रैकिंग ऑन रखें।

ये मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में महिला और बाल सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बन गया है। आगे की जांच से उम्मीद है कि आरोपी जल्द कानून के कटघरे में होगा।

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