मुंबई एयरपोर्ट कमिश्नरेट कस्टम्स जोन-III ने तस्करी के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए ड्रग्स, सोना, हीरे और विदेशी मुद्रा की भारी मात्रा में जब्ती की है। 04 जनवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियानों में कई अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया और करोड़ों रुपये का अवैध माल बरामद किया गया।
कस्टम्स अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान खुफिया इनपुट, स्पॉट प्रोफाइलिंग और एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (APIS) प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध यात्रियों की पहचान कर कार्रवाई को अंजाम दिया। इन अभियानों से यह स्पष्ट है कि विभाग अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर कड़ी नजर बनाए हुए है और देश की सुरक्षा व आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी सतर्कता से कार्य कर रहा है।
हाइड्रोपोनिक वीड की बड़ी जब्ती, 7 गिरफ्तार
कस्टम्स टीम ने 7 अलग-अलग मामलों में बैंकॉक से मुंबई पहुंचे 7 यात्रियों के पास से कुल 13.256 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 13.256 करोड़ रुपये बताई गई है। सभी आरोपियों को NDPS एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई एक अन्य कार्रवाई में बैंकॉक से आए 5 यात्रियों के पास से 3.5 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये है। इस मामले में भी सभी आरोपियों को NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
सोना और हीरे की तस्करी का खुलासा
एक अन्य मामले में कस्टम्स अधिकारियों ने एक यात्री के पास से 104 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 15.24 लाख रुपये आंकी गई है।
वहीं, हीरा तस्करी के एक मामले में एक यात्री से 246.75 कैरेट प्राकृतिक और लैब ग्रोन हीरे जब्त किए गए। जब्त हीरों की कुल अनुमानित कीमत करीब 38.28 लाख रुपये बताई गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
विदेशी मुद्रा के कई मामले उजागर
विदेशी मुद्रा तस्करी के 3 अलग-अलग मामलों में 3 यात्रियों से कुल मिलाकर लगभग 69.78 लाख रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा जब्त की गई। इसके अलावा, एक अन्य मामले में एक यात्री के पास से करीब 43.25 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की गई।
तस्करी नेटवर्क पर कस्टम्स की सख्त नजर
मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स जोन-III की इन लगातार कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि विभाग अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सक्रिय और सतर्क है। यात्रियों की गहन जांच, प्रोफाइलिंग तकनीक और खुफिया सूचनाओं के प्रभावी उपयोग से कई संगठित तस्करी प्रयासों को समय रहते विफल किया गया है।
कस्टम्स विभाग ने दोहराया है कि भविष्य में भी एयरपोर्ट पर निगरानी और सख्ती जारी रहेगी, ताकि देश की सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और कानून व्यवस्था को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
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