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‘Gautam Gambhir खिलाड़ियों को बुली करते हैं?’ पूर्व क्रिकेटर के बयान से मचा विवाद, भारतीय क्रिकेट में बढ़ी हलचल

Gautam Gambhir
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भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन के एक बयान ने खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है। अतुल वासन ने दावा किया है कि टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के व्यवहार से खुश नहीं हैं और उन्हें “बुली” जैसा माहौल महसूस होता है। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट जगत तक चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, इस मामले पर अभी तक गौतम गंभीर या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अतुल वासन ने क्या कहा?

पूर्व तेज गेंदबाज अतुल वासन ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि गौतम गंभीर का स्वभाव काफी आक्रामक माना जाता है और कई बार खिलाड़ी उनके तरीके से सहज महसूस नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि टीम के अंदर का माहौल हमेशा उतना आसान नहीं होता जितना बाहर से दिखाई देता है।

वासन के इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच बहस शुरू हो गई है कि क्या सख्त कोचिंग स्टाइल को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है या वास्तव में टीम के भीतर कोई तनाव है।

कोच बनने के बाद लगातार चर्चा में हैं गंभीर

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) जब से भारतीय टीम के मुख्य कोच बने हैं, तब से उनकी कार्यशैली लगातार चर्चा में रही है। मैदान पर उनके आक्रामक रवैये और स्पष्ट विचारों के लिए वह पहले से ही जाने जाते रहे हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर अनुशासन और आक्रामक क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं। कुछ लोग इसे टीम के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि अत्यधिक सख्ती खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बढ़ा सकती है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

अतुल वासन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कई लोगों ने गौतम गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि एक मजबूत टीम बनाने के लिए सख्त रवैया जरूरी होता है।

वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और टीम वातावरण का भी उतना ही महत्व है जितना प्रदर्शन का।

पहले भी विवादों में रहे हैं गंभीर

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपने बेबाक बयानों और आक्रामक अंदाज के कारण पहले भी कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। खिलाड़ी के तौर पर भी मैदान पर उनका रवैया काफी प्रतिस्पर्धात्मक माना जाता था।

हालांकि, टीम इंडिया के कई युवा खिलाड़ियों ने पहले गंभीर की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने खिलाड़ियों को निडर क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया।

क्या टीम इंडिया में सब कुछ ठीक है?

फिलहाल ये साफ नहीं है कि अतुल वासन का बयान व्यक्तिगत राय है या टीम के भीतर किसी असंतोष की ओर इशारा करता है। लेकिन इस बयान ने भारतीय क्रिकेट में कोच और खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

आने वाले दिनों में यदि इस मामले पर टीम मैनेजमेंट या खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया सामने आती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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