NEET-UG परीक्षा में पिछली बार सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए गुरुवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh के आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia, NTA के डायरेक्टर जनरल, शिक्षा मंत्रालय और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
करीब 40 मिनट तक चली इस हाई-लेवल मीटिंग में 21 जून को होने वाली परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, पेपर लीक रोकने के उपाय और छात्रों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक खत्म होने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच अलग से भी लंबी बातचीत हुई।
पिछली गड़बड़ियों से सबक, अब हर स्तर पर सख्ती
सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था। इस मामले ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी थी। कई राज्यों में प्रदर्शन हुए और परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हुए। अब सरकार किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए पूरी तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पिछली परीक्षा रद्द करने का फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देश पर लिया गया था। अब 21 जून को होने वाली परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सीधी नजर बनी हुई है।
पेपर सेटिंग से ट्रांसपोर्ट तक होगी निगरानी
इस बार NEET परीक्षा की सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है। पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हो।
बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा सकते हैं। साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
22 से 23 लाख छात्र होंगे शामिल
21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम में करीब 22 से 23 लाख छात्र शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा केंद्रों तक छात्रों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों ने छात्रों के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है ताकि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो।
धर्मेंद्र प्रधान ने पहले भी की थी समीक्षा बैठक
इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों को लेकर अलग से समीक्षा बैठक की थी। उस बैठक में परीक्षा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया था। NTA अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की कोशिश है कि इस बार NEET परीक्षा पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आयोजित हो ताकि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सके।



























