भारत का शेयर बाजार लगातार विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। अब दुनिया की दिग्गज पेय पदार्थ कंपनी Coca-Cola भी अपनी भारतीय बॉटलिंग कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (IPO) कराने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित IPO के जरिए कंपनी करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹9,500 करोड़) जुटाने की योजना बना रही है।
₹85,000 करोड़ वैल्यूएशन का लक्ष्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग इकाई HCCB का मूल्यांकन करीब 10 अरब डॉलर (लगभग ₹85,000 करोड़) चाहती है। हालांकि, IPO की पूरी प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम वैल्यूएशन, इश्यू का आकार तथा कितने शेयर बेचे जाएंगे, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
निवेश बैंकों से शुरू हुई बातचीत
जानकारी के अनुसार, Coca-Cola ने इस IPO के लिए कई प्रमुख वैश्विक निवेश बैंकों को आमंत्रित किया है। अगले सप्ताह लंदन में इन बैंकों की प्रस्तुति (Presentation) आयोजित की जाएगी, जिसमें IPO से जुड़ी रणनीति पर चर्चा होगी।
इस प्रक्रिया में Rothschild & Co. सलाहकार की भूमिका निभा रही है और वही संभावित निवेश बैंकों के साथ समन्वय करेगी। फिलहाल Coca-Cola और Rothschild & Co. की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
विदेशी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि कई वैश्विक कंपनियां अपनी भारतीय इकाइयों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का विकल्प चुन रही हैं।
हाल के वर्षों में:
- LG Electronics ने भी अपनी भारतीय यूनिट को बाजार में सूचीबद्ध करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
- Hyundai Motor India ने 2024 में भारत के इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक के जरिए करीब 3.3 अरब डॉलर जुटाए थे।
अब Coca-Cola भी इसी रणनीति के तहत भारतीय बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी करती नजर आ रही है।
HCCB का कारोबार कितना बड़ा है?
हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) भारत की सबसे बड़ी सॉफ्ट ड्रिंक बॉटलिंग कंपनियों में शामिल है। कंपनी का मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है और इसका वितरण नेटवर्क देशभर में बेहद मजबूत माना जाता है।
HCCB की प्रमुख विशेषताएं:
- देशभर में 17 लाख (1.7 मिलियन) से अधिक रिटेल आउटलेट्स तक पहुंच।
- कंपनी में 5,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत।
- 12 राज्यों में 14 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट संचालित।
- दक्षिण और पश्चिम भारत के 236 जिलों में Coca-Cola के उत्पादों की सप्लाई।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ये IPO?
यदि HCCB का IPO लॉन्च होता है, तो भारतीय निवेशकों को पहली बार Coca-Cola के भारतीय बॉटलिंग कारोबार में निवेश करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही ये IPO भारतीय शेयर बाजार में विदेशी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी का एक और बड़ा उदाहरण बन सकता है।
हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक IPO की लॉन्च डेट, इश्यू साइज और शेयर प्राइस जैसी अहम जानकारियों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी की अगली घोषणा पर बनी हुई है।




























