देश-विदेश

अमेरिका के कई राज्यों में भारतीय सबसे ज्यादा कमाने वाले प्रवासी, Harsh Goenka ने शेयर किया नक्शा

Harsh Goenka

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आर्थिक स्थिति और उनकी सफलता को लेकर सोशल मीडिया पर एक नक्शा चर्चा में है। RPG Enterprises के चेयरमैन हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह नक्शा शेयर किया और भारतीय प्रवासियों की उपलब्धियों की तारीफ की।

इस नक्शे का शीर्षक “Highest-Paid Nationality in Each U.S. State” है। इसमें अलग-अलग अमेरिकी राज्यों में प्रमुख immigrant groups की मीडियन आय की तुलना दिखाई गई है। नक्शे के मुताबिक, कई राज्यों में भारत में जन्मे प्रवासी समूहों की मीडियन आय संबंधित राज्यों के प्रमुख immigrant groups में सबसे अधिक दिखाई गई है।

किन राज्यों में भारतीय सबसे ऊपर दिखाए गए?

सोशल मीडिया पर साझा किए गए नक्शे के अनुसार, कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, मैरीलैंड, वॉशिंगटन, इलिनॉय, जॉर्जिया, मिशिगन और मिनेसोटा समेत कई राज्यों में भारत में जन्मे immigrant group को सबसे अधिक मीडियन आय वाले समूह के तौर पर दिखाया गया है।

हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि नक्शा पूरे राज्य की आबादी की औसत कमाई नहीं बताता। यह अलग-अलग immigrant groups के बीच आय की तुलना करता है। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान कुछ यूजर्स ने इसी अंतर की ओर ध्यान दिलाया है।

अमेरिकी Census Bureau भी आय से जुड़े आंकड़ों में अलग-अलग आबादी समूहों, राज्यों और आय के प्रकारों के बीच अंतर करता है। इसलिए किसी एक सोशल मीडिया ग्राफिक को पूरे अमेरिकी समाज की आय का प्रतिनिधि आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।

कुछ राज्यों में दूसरे देशों के प्रवासी आगे

नक्शे में सभी राज्यों में भारतीयों को सबसे ऊपर नहीं दिखाया गया है। कुछ राज्यों में दूसरे देशों से आए immigrant groups को सबसे अधिक मीडियन आय वाला समूह बताया गया है।

मसलन, साझा किए गए नक्शे के अनुसार न्यूयॉर्क में इजरायल, पेंसिल्वेनिया में चीन, वर्जीनिया में दक्षिण कोरिया, फ्लोरिडा में कोलंबिया और हवाई में जापान को शीर्ष पर दिखाया गया है। वहीं दिए गए ग्राफिक में मैसाचुसेट्स के लिए भारत का नाम दिखाई देता है।

इससे स्पष्ट है कि नक्शा केवल भारतीय समुदाय की तुलना नहीं करता, बल्कि अलग-अलग राज्यों में प्रमुख immigrant groups की आय के बीच अंतर दिखाने की कोशिश करता है।

हर्ष गोयनका ने क्या कहा?

हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने नक्शा शेयर करते हुए भारतीय समुदाय की मेहनत, उद्यमशीलता और लगन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग जिस देश को अपना घर बनाते हैं, उसकी प्रगति में योगदान देने के साथ अपने साथ भारत की भावना भी लेकर चलते हैं।

उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय प्रवासियों की आर्थिक सफलता को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

कुछ यूजर्स ने भारतीय प्रवासियों की सफलता को मेहनत, प्रतिभा और उद्यमशीलता से जोड़ते हुए इसकी सराहना की। वहीं कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि विदेशों में भारतीयों की सफलता की तुलना करने के बजाय भारत में उनके आर्थिक और सामाजिक योगदान पर भी चर्चा होनी चाहिए।

कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में अमेरिका की इमिग्रेशन और वीजा नीतियों का मुद्दा उठाया गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर यूजर्स की व्यक्तिगत टिप्पणियों को इस नक्शे के आंकड़ों का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

क्या मीडियन इनकम का मतलब सबसे ज्यादा कमाई है?

यहां मीडियन इनकम को समझना भी जरूरी है। मीडियन आय वह स्तर है जिसके ऊपर और नीचे आबादी के 50-50 प्रतिशत हिस्से होते हैं। यह औसत (average) से अलग होती है और बहुत अधिक या बहुत कम आय वाले कुछ लोगों के प्रभाव को कम करती है।

अमेरिका में आय और रोजगार से जुड़े आधिकारिक आंकड़े Census Bureau, Bureau of Economic Analysis और अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा अलग-अलग सर्वे और परिभाषाओं के आधार पर जारी किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, Census Bureau नियमित रूप से आय और household income से जुड़े राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय आंकड़े प्रकाशित करता है।

भारतीय प्रवासियों की आर्थिक स्थिति पर क्या संकेत मिलता है?

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आय को लेकर यह चर्चा नई नहीं है। Migration Policy Institute के उपलब्ध आंकड़ों में भी foreign-born आबादी के बीच आय और रोजगार से जुड़े अलग-अलग पैटर्न दर्ज हैं। हालांकि, ये आंकड़े सभी विदेशी मूल के लोगों को एक साथ देखते हैं और इन्हें हर्ष गोयनका द्वारा शेयर किए गए राज्यवार immigrant-group map के साथ सीधे समान नहीं माना जाना चाहिए।

इसलिए वायरल नक्शे का मुख्य निष्कर्ष यह है कि कई अमेरिकी राज्यों में भारतीय immigrant groups की मीडियन आय अन्य प्रमुख immigrant groups की तुलना में ऊंची दिखाई गई है। लेकिन इसे सभी भारतीय-अमेरिकियों या पूरे अमेरिका की आबादी की आय का सार्वभौमिक आंकड़ा समझना सही नहीं होगा।

ये भी पढ़ें: फूड प्रोडक्ट पर अब लिखना होगा ‘Artificial Sweetener’, सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को दिए अहम निर्देश

You may also like