त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों में हुए ग्राम समिति चुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ गठबंधन को बड़ी बढ़त मिली है। त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल यानी TTAADC के तहत 587 ग्राम समितियों की कुल 4,597 सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें 4,594 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं। मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया गया था।
अंतिम नतीजों के मुताबिक Tipra Motha ने 3,428 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि BJP को 859 सीटें मिलीं। IPFT ने 33, CPI(M) ने 87 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 173 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस के खाते में 14 सीटें आईं।
Tipra Motha BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए BJP और उसके सहयोगियों ने इन नतीजों को गठबंधन की उपलब्धि के तौर पर पेश किया है। हालांकि, कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने NDA की संयुक्त जीत के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग पार्टियों के प्रदर्शन को एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनाव में 28 सितंबर को मतदान हुआ था और करीब 81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन नतीजों के बाद त्रिपुरा के जनजातीय इलाकों में स्थानीय राजनीति और अलग-अलग दलों के प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
खास बात ये है कि ये चुनाव ऐसे समय हुआ जब देश में EVM और बैलेट पेपर को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया और इसके बाद सामने आए नतीजों को लेकर BJP और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
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