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Tiger Shroff firing case: कोर्ट में रोने लगी आरोपी राधा, चारों आरोपियों की बढ़ी पुलिस कस्टडी

Tiger Shroff firing case

Tiger Shroff firing case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच जारी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राधा वर्मा को अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान वो भावुक होकर रोने लगी। इस केस में राधा के साथ बबीता राव, कुणाल और सुमित को भी अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस मामले में हमले की साजिश, हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने के पीछे कौन लोग शामिल थे और पूरी योजना कैसे तैयार की गई थी।

हथियारों की सप्लाई को लेकर जांच

पुलिस के मुताबिक, राधा वर्मा और बबीता राव पर कथित तौर पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने और उन्हें हमलावरों तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। वहीं, कुणाल और सुमित की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हथियारों की व्यवस्था दूसरे शहर से की गई थी।

जांच एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोगों और फायरिंग में शामिल अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

ये घटना 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।

फायरिंग के पीछे की वजह और हमलावरों को निर्देश देने वाले लोगों की पहचान अब भी जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं। पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

संगठित अपराध के एंगल से भी जांच

पुलिस इस मामले में संगठित अपराध की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 भी जोड़ी गई है, जो संगठित अपराध से संबंधित है। पुलिस कथित आपराधिक नेटवर्क और फायरिंग की घटना के बीच संभावित संबंधों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

अब पुलिस के सामने ये सवाल

चारों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हथियार कहां से आए, उन्हें किसने उपलब्ध कराया, फायरिंग की योजना किसने बनाई और इस वारदात में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। साथ ही, आरोपियों के बीच संपर्क और कथित पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा सकती है।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। अदालत में राधा के भावुक होने को उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

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