महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच राज्य को पानी के मामले में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के तहत गुजरात के उकाई डैम से महाराष्ट्र को उसके हिस्से का 5 TMC पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उच्चस्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने आवश्यक निर्देश जारी किए। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र के 80 प्रतिशत से अधिक तालुका सूखे से प्रभावित बताए गए हैं।
नर्मदा जल विवाद के तहत महाराष्ट्र को मिलेगा पानी
नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र के लिए कुल 10 TMC पानी का प्रावधान किया गया है। इसमें से 5 TMC पानी डायवर्जन नहर के माध्यम से उपलब्ध कराया जाना है, जबकि शेष 5 TMC पानी गुजरात के उकाई डैम से मिलना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समीक्षा समिति की बैठक में महाराष्ट्र के निर्धारित जल हिस्से का मुद्दा उठाते हुए उकाई डैम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से इस संबंध में आवश्यक मंजूरी देने का आग्रह किया।
सूखे की स्थिति के बीच महाराष्ट्र के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति के कारण पानी की उपलब्धता एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में राज्य को उसके निर्धारित हिस्से का पानी मिलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उकाई डैम से मिलने वाले 5 TMC पानी से महाराष्ट्र की जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पानी का वास्तविक लाभ किन क्षेत्रों को मिलेगा और इसकी आपूर्ति कब शुरू होगी, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पानी की उपलब्धता के साथ-साथ उसके उचित वितरण और संबंधित जल परियोजनाओं की व्यवस्था भी अहम होगी।
अमित शाह के साथ हुई बैठक का भी किया गया जिक्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पहले हुई बैठक में निर्धारित नियमों के अनुसार महाराष्ट्र को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने पर निर्णय लिया गया था।
फडणवीस ने नर्मदा परियोजना से जुड़ी महाराष्ट्र की जिम्मेदारियों और इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी भी समिति के सामने रखी। इसके बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने महाराष्ट्र को उसके निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उच्चस्तरीय समीक्षा समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल हुए।
बैठक में नर्मदा जल बंटवारे और महाराष्ट्र को उसके निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
आगे क्या होगा?
उकाई डैम से 5 TMC पानी उपलब्ध कराने के लिए दिए गए निर्देश महाराष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। अब पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया, आवश्यक औपचारिक मंजूरियों और आपूर्ति की समयसीमा पर आगे की कार्रवाई अहम होगी।
सूखे की चुनौती के बीच राज्य सरकार के सामने पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जरूरतमंद क्षेत्रों तक इसे पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित जल हिस्से की आपूर्ति कब शुरू होती है और इससे महाराष्ट्र के प्रभावित क्षेत्रों को कितनी राहत मिलती है।
ये भी पढ़ें: घाटकोपर में दिल दहला देने वाली घटना, पिता ने 9 महीने के बेटे को स्कायवॉक से नीचे फेंका























