मुंबई

CIDCO Housing Scheme: घर खरीदारों ने उठाए फ्लैट के आकार को लेकर सवाल

CIDCO Housing Scheme: घर खरीदारों ने उठाए फ्लैट के आकार को लेकर सवाल

CIDCO Housing Scheme: नवी मुंबई में CIDCO (सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) की ‘माई प्रिफर्ड होम स्कीम’ के तहत आवंटित फ्लैट्स को लेकर घर खरीदारों ने गंभीर चिंताएं जताई हैं। योजना के तहत फ्लैट्स का आकार विज्ञापन में दिए गए आकार से कम होने का मामला सामने आया है। इससे पहले भी CIDCO के फ्लैट्स की ऊंची कीमतों को लेकर आवेदक नाराज थे, और अब फ्लैट के कारपेट एरिया में कमी ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं।

विज्ञापन और वास्तविकता में अंतर
Difference Between Advertisement and Reality

CIDCO की इस योजना के तहत फ्लैट्स का आकार विज्ञापन में 322 वर्ग फुट बताया गया था। हालांकि, हाउसिंग लॉटरी के विजेताओं को जारी किए गए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) में फ्लैट का आकार केवल 291.92 वर्ग फुट दर्शाया गया है। यह अंतर घर खरीदारों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें वादे से कम जगह मिल रही है।

पूर्व विधायक और एनसीपी (शरद पवार) नेता संदीप नाइक ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजित पवार को पत्र लिखकर मांग की है कि CIDCO फ्लैट्स का आकार विज्ञापन के अनुसार ही आवंटित करे। उन्होंने कहा, “CIDCO को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फ्लैट्स का आकार योजना के दस्तावेजों में बताए गए आकार के बराबर हो। लाभार्थियों को उनके अधिकार के कारपेट एरिया से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।”

घर खरीदारों की प्रतिक्रिया
Homebuyers’ Reaction

तलोजा सेक्टर 29 में फ्लैट जीतने वाले आवेदक सूरज कानोजिया ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, “मैंने ऊंची कीमत चुकाने के लिए तैयारी कर ली थी, क्योंकि मुझे लगा कि मुझे 322 वर्ग फुट का फ्लैट मिलेगा। अब यह जानकर कि वास्तविक आकार इससे काफी छोटा है, मैं निराश हूं। हमें धोखा महसूस हो रहा है।”

खारगढ़ सेक्टर 14 में फ्लैट जीतने वाले एक अन्य आवेदक ने भी इसी तरह की चिंता जताई। उन्होंने कहा, “नवी मुंबई में घर खरीदना पहले से ही एक चुनौती है, और इसलिए हम CIDCO जैसे संगठनों पर निर्भर हैं। लेकिन अब हमें विज्ञापन से कम जगह दी जा रही है। CIDCO को इस मुद्दे को हल करना चाहिए।”

CIDCO का स्पष्टीकरण
CIDCO’s Clarification

CIDCO अधिकारियों ने इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि विज्ञापन में दिया गया आकार बालकनी के एरिया को शामिल करके बताया गया था। हालांकि, महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) के नियमों के अनुसार, LOI में केवल कारपेट एरिया (बालकनी को छोड़कर) दर्शाया जाता है। CIDCO के प्रवक्ता ने कहा, “कुल एरिया विज्ञापन के अनुसार ही है। लेकिन RERA नियमों के कारण LOI में बालकनी का एरिया शामिल नहीं किया जाता, इसलिए यह संख्या कम दिखाई देती है।”

MahaRERA नियम क्या कहते हैं?
What Do MahaRERA Rules Say?

MahaRERA के अनुसार, कारपेट एरिया को “अपार्टमेंट का शुद्ध उपयोगी फ्लोर एरिया” माना जाता है, जिसमें बाहरी दीवारों, सर्विस शाफ्ट, बालकनी और ओपन टेरेस का एरिया शामिल नहीं होता। इसका मतलब है कि MahaRERA के तहत केवल अपार्टमेंट के अंदरूनी, उपयोगी स्थान को ही कारपेट एरिया माना जाता है।


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