Karate Coach Held for Minors Sexual Assault: मुंबई के दादर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक 22 साल के कराटे कोच, जिसका काम था बच्चों को आत्मरक्षा सिखाना, पर एक 12 साल की मासूम लड़की के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) का गंभीर आरोप लगा है। यह कहानी सुनकर मन में गुस्सा और दुख दोनों उमड़ते हैं। यह घटना न सिर्फ़ एक परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि क्या हम अपने बच्चों को सही हाथों में सौंप रहे हैं।
यह मामला दादर के एक जिम्नेजियम में हुआ, जहाँ परथ साकरकर नाम का यह कराटे कोच पिछले एक साल से बच्चों को कराटे सिखा रहा था। उस जिम में 12 साल की एक लड़की भी कराटे सीखने आती थी। पुलिस के मुताबिक, जनवरी से जून 2025 के बीच, साकरकर ने इस लड़की के साथ करीबी रिश्ता बनाने की कोशिश की। उसने इसका गलत फायदा उठाते हुए कई बार उसके साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) किया। यह सुनकर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि एक शिक्षक, जिस पर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, ऐसा घिनौना काम कर सकता है।
साकरकर ने न सिर्फ़ इस मासूम के साथ गलत किया, बल्कि उसे डराने-धमकाने का भी काम किया। उसने लड़की को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो वह उसकी माँ के साथ भी वैसा ही करेगा। डर और शर्मिंदगी के चलते मासूम चुप रही, लेकिन आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई और अपनी माँ को सारी बात बताई। उसकी 43 साल की माँ ने तुरंत शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और परथ साकरकर को गिरफ्तार कर लिया। यह खबर तेजी से फैली और मुंबई कराटे कोच गिरफ्तार (Mumbai Karate Coach Arrested) की सुर्खियों में छा गई।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) और बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। साकरकर को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि क्या साकरकर ने अन्य बच्चों को भी निशाना बनाया है। इसके लिए वे जिम में लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रहे हैं और अन्य छात्रों व कोचों से भी पूछताछ कर रहे हैं। लड़की का मेडिकल परीक्षण सायन हॉस्पिटल में करवाया गया, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
यह घटना मुंबई के लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। एक कराटे कोच, जिसे बच्चों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने एक बच्ची के भरोसे को तोड़ा। इस मामले ने न सिर्फ़ दादर के उस जिम्नेजियम पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उन सभी जगहों पर भी, जहाँ बच्चे अपनी सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण लेने जाते हैं। पुलिस की जाँच अभी जारी है, और लोग इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि इस मामले में और क्या खुलासे होते हैं।































