एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार द्वारा खाए गए तरबूज में जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। ये वही रसायन है जिसका उपयोग आमतौर पर चूहा मारने की दवा बनाने में किया जाता है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग फलों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।
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मिली जानकारी के मुताबिक, परिवार ने घर में तरबूज खाने के कुछ समय बाद ही तबीयत बिगड़ने की शिकायत की थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
हालांकि, इस घटना को लेकर स्थानीय फल विक्रेता ने कई अहम सवाल खड़े किए हैं। विक्रेता का कहना है कि यदि किसी तरबूज में बाहर से जहरीला इंजेक्शन लगाया गया होता, तो वो फल एक दिन के भीतर खराब हो जाता। उनका कहना है कि उसी दुकान से कई अन्य लोगों ने भी तरबूज खरीदे और खाए, लेकिन किसी और के बीमार होने की कोई खबर सामने नहीं आई। ऐसे में केवल एक ही परिवार के साथ इस तरह की घटना होना कई संदेह पैदा करता है।
वहीं, परिवार के पड़ोसियों का भी कहना है कि इलाके में लगभग हर घर में लोग रोजाना तरबूज खाते हैं, लेकिन ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। पड़ोसियों के अनुसार, ये मामला सामान्य फूड पॉइजनिंग से कहीं ज्यादा गंभीर और रहस्यमय नजर आ रहा है।
फिलहाल पुलिस, फॉरेंसिक टीम और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं। तरबूज के नमूनों को लैब में भेज दिया गया है ताकि ये स्पष्ट हो सके कि उसमें वास्तव में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या मौत के पीछे कोई और वजह है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें। इस घटना ने खाद्य सुरक्षा और बाजार में बिकने वाले फलों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
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