Honorarium for Teachers: मुंबई, जो भारत का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है, 2025 में होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों की तैयारियों में जुटा है। इस बार शहर के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर एक अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली गई है। उन्हें मतदाता सूची संशोधन (electoral roll revision) का काम सौंपा गया है। यह खबर उन लाखों मुंबईकरों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने शहर की सत्ता चुनने के लिए तैयार हैं। साथ ही, शिक्षकों को उनके इस अतिरिक्त काम के लिए चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मानदेय (honorarium) भी दिया जाएगा। यह कदम न केवल चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि शिक्षकों के योगदान को भी सम्मान देगा।
मुंबई के BMC चुनाव 2025 में शहर के 227 वार्डों के लिए नए कॉर्पोरेटर चुने जाएंगे। इन चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग जल्द ही संशोधित मतदाता सूची जारी करेगा, और इसके लिए BMC के शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को मतदान केंद्र अधिकारी नियुक्त किया गया है। 23 जून 2025 को BMC ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि शिक्षकों को मतदाता पंजीकरण कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने नियमित शिक्षण कार्य के साथ-साथ ऑनलाइन इस जिम्मेदारी को निभा सकेंगे। यह व्यवस्था शिक्षकों के लिए राहत की बात है, क्योंकि इससे उनके स्कूल के काम पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
मुंबई में हर दिन हजारों लोग सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। इन स्कूलों के शिक्षक न केवल बच्चों को पढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। लेकिन चुनावी ड्यूटी का अतिरिक्त बोझ हमेशा से उनके लिए चुनौती रहा है। 2024 में, जब लोकसभा चुनावों के लिए शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बनाया गया था, तब शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि बोर्ड परीक्षाओं और स्कूल के अंतिम परीक्षा के दौरान यह ड्यूटी उनके लिए मुश्किल पैदा करती है। एक शिक्षक, सुनीता पाटिल, ने बताया कि पिछले साल उन्हें चुनावी प्रशिक्षण के लिए रविवार को भी उपस्थित होना पड़ा था, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारियां प्रभावित हुई थीं।
इस बार BMC ने शिक्षकों की चिंताओं को ध्यान में रखा है। ऑनलाइन काम करने की सुविधा से शिक्षकों को अपने स्कूल के काम और चुनावी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। एक अन्य शिक्षक, राजेश शर्मा, ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम से मतदाता सूची की जांच और संशोधन का काम आसान हो गया है। उनके मुताबिक, पहले उन्हें मतदाता पंजीकरण कार्यालय में घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घर या स्कूल से ही यह काम कर सकते हैं। यह बदलाव न केवल समय बचाता है, बल्कि काम को और कुशल बनाता है।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, शिक्षकों को मतदाता सूची संशोधन (electoral roll revision) के लिए मानदेय (honorarium) दिया जाएगा। हालांकि, BMC ने अभी तक मानदेय की राशि का खुलासा नहीं किया है। 2024 के लोकसभा चुनावों में, मुंबई में बूथ लेवल ऑफिसर के लिए शिक्षकों को 10,000 से 12,000 रुपये तक का मानदेय मिला था। एक रेलवे कर्मचारी, जो पहले चुनावी ड्यूटी कर चुके हैं, ने बताया कि मानदेय समय पर मिलना जरूरी है, क्योंकि कई बार भुगतान में देरी हो जाती है। शिक्षक संगठनों ने भी मांग की है कि मानदेय की राशि को स्पष्ट किया जाए और इसे समय पर वितरित किया जाए।
मुंबई के BMC चुनावों की तैयारियां केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं हैं। BMC का चुनाव विभाग वार्ड सीमाओं को तय करने के लिए जमीन पर सर्वेक्षण कर रहा है। 227 वार्डों की अंतिम सीमा 4 सितंबर 2025 तक अधिसूचित की जाएगी। इसके लिए 8 से 10 जुलाई तक प्रारंभिक सीमांकन का मसौदा तैयार किया जाएगा। यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वार्ड की सीमाएं मतदाताओं की संख्या, जनसंख्या परिवर्तन, और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के आधार पर बदली जाती हैं। 2017 के BMC चुनावों में, शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। इस बार चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है, और राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
मुंबई का BMC देश का सबसे धनी नगर निगम है, जो पानी, सड़क, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसी सेवाएं प्रदान करता है। लेकिन पिछले तीन साल से, यानी मार्च 2022 से, BMC में निर्वाचित कॉर्पोरेटर नहीं हैं। इस दौरान प्रशासकों ने शहर का संचालन किया, जिससे कई मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी की शिकायतें सामने आईं। एक स्थानीय निवासी, अनीता मेहता, ने बताया कि बिना कॉर्पोरेटर के उनकी कॉलोनी की गंदगी और जलभराव की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। उनके मुताबिक, चुनाव होने से स्थानीय स्तर पर उनकी आवाज सुनी जाएगी।
शिक्षकों की यह नई जिम्मेदारी मुंबई के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मतदाता सूची का संशोधन सुनिश्चित करता है कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने से वंचित न रहे। 2021 में, BMC ने मतदाता सूची की जांच के लिए 20 इलेक्ट्रॉनिक कियोस्क स्थापित किए थे, जिससे नागरिकों को अपने नाम और पते की पुष्टि करने में मदद मिली थी। इस बार ऑनलाइन प्रणाली से यह प्रक्रिया और आसान हो गई है। एक युवा मतदाता, प्रणव कुलकर्णी, ने बताया कि वह पहली बार BMC चुनाव में वोट डालेंगे। उनके लिए यह जानना जरूरी है कि उनका नाम मतदाता सूची में है।
मुंबई जैसे शहर में, जहां हर वोट मायने रखता है, शिक्षकों का यह योगदान अनमोल है। उनकी मेहनत से तैयार होने वाली मतदाता सूची शहर के भविष्य को आकार देगी। यह कहानी उन हजारों शिक्षकों की है, जो अपनी कक्षाओं के साथ-साथ लोकतंत्र की नींव को भी मजबूत कर रहे हैं।
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