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महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर: 8 की मौत, किसानों को 2215 करोड़ की राहत, CM फडणवीस का बड़ा ऐलान!

बाढ़
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महाराष्ट्र में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मराठवाड़ा और अन्य जिलों में बाढ़ ने आम लोगों का जीवन पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। फसलें डूब गईं, घर ढह गए, और पशुओं की जानें चली गईं। इस आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लोग घायल हुए हैं। लेकिन इस संकट की घड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 31 लाख से अधिक किसानों के लिए 2215 करोड़ रुपये की राहत राशि का ऐलान किया है और मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर पीड़ितों की मदद करने का आदेश दिया है। आइए, इस आपदा और राहत कार्यों की पूरी कहानी को समझते हैं।

बाढ़ ने मचाई तबाही: मराठवाड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित
मराठवाड़ा के कई जिले जैसे बीड, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, परभणी, और संभाजीनगर भारी बारिश की चपेट में हैं। औसतन 102 मिमी बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया, सैकड़ों घरों में पानी घुस गया, और सड़कें-पुल तक बह गए। राज्य आपातकाल विभाग के मुताबिक बाढ़ की वजह से लातूर में 3, बीड में 2, धाराशिव में 1, नांदेड़ में 1, और अन्य जगहों पर 1-1 व्यक्ति की मौत की खबर है।

वहीं जानवरों की बात करें तो, खबर लिखे जाने तक मराठवाड़ा में 150 पशुओं के मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से बीड में 63, धाराशिव में 21, और जालना में 15 जानवर शामिल हैं। इसके अलावा अगर संपत्ति के नुकसान की बात करें, तो खबर लिखे जाने तक 327 पक्के मकान, 2 स्कूल, 6 सड़कें, 5 पुल, और 4 तालाब बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं।

इसके अलावा धाराशिव में 150 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। NDRF और सेना की टीमें हेलीकॉप्टर और अन्य साधनों से इन्हें बचाने में जुटी हैं। अब तक 27 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

सरकार का बड़ा कदम: 2215 करोड़ की राहत
इस विषम परिस्थिती को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान पर गहन चर्चा हुई। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 31 लाख 64 हजार किसानों के लिए 2215 करोड़ रुपये की सहायता राशि का सरकारी आदेश (GR) जारी किया गया है। इसमें से 1829 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं, और बाकी राशि अगले 8-10 दिनों में पहुंच जाएगी।

 

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सीएम ने कहा, “किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, उनके घर पानी में डूब गए हैं। हम उनकी हर संभव मदद करेंगे।” इसके लिए जिलाधिकारियों को नुकसान का पंचनामा करने का आदेश दिया गया है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।

मंत्रियों को मैदान में उतरने का आदेश
यही नहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री मंत्रालय में बैठने के बजाय बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाएं और पीड़ितों की मदद करें। ऐसे में अब खुद सीएम और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 17 टीमें, साथ ही सेना की टुकड़ियां, बीड, धाराशिव, और परभणी में बचाव कार्य में जुटी हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

  • अहिल्यानगर, जलगांव, सोलापुर, बीड, परभणी: इन जिलों में भारी बारिश ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है।
  • विशेष बचाव कार्य: धाराशिव में सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।
  • नुकसान का आकलन: सैकड़ों घर, स्कूल, और सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। पंचनामा के बाद प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

क्या करें बाढ़ प्रभावित लोग?
अगर आप बाढ़ प्रभावित इलाके में हैं, तो तुरंत नजदीकी प्रशासन या एनडीआरएफ से संपर्क करें। राहत शिविरों में भोजन, पानी, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, सरकार ने किसानों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिनके जरिए आप नुकसान का ब्योरा दर्ज कर सकते हैं।

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