मुंबईकरों के लिए BEST बसें किसी ‘लाइफलाइन’ से कम नहीं हैं। लेकिन, आजकल इन बसों की कमी और सड़कों पर बढ़ती भीड़ की वजह से यात्रियों को घंटों तक बस स्टॉप पर खड़े रहना पड़ रहा है। BEST अधिकारी ट्रैफिक जाम को इसका कारण बता रहे हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि बसों की कम होती संख्या असली समस्या है।
शहर की बढ़ती आबादी के हिसाब से BEST बसों की संख्या नहीं बढ़ रही है, और इसी वजह से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। रोज़ाना लाखों लोग इन बसों में सफर करते हैं, और अब उन्हें भीड़-भाड़ वाली बसों में धक्के खाकर यात्रा करनी पड़ रही है।
BEST को पहले ही 5000 से ज़्यादा नई बसें मिल जानी चाहिए थीं, पर अब तक सिर्फ 3025 बसें ही चल रही हैं। क्या पता बाकी बसें कब आएंगी! जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसें बनाने वाली कंपनियों के पास अभी बहुत सारे ऑर्डर पेंडिंग हैं, और वे सबको समय पर बसें नहीं दे पा रही हैं।
ऐसा लगता है कि मुंबई में बसों का ये हाल जल्द ही ठीक होने वाला नहीं है। BEST के अधिकारियों और सरकार को मिलकर इस समस्या को सुलझाने के लिए जल्दी से कुछ करना पड़ेगा। सिर्फ बसें ख़रीदने से बात नहीं बनेगी, ट्रैफिक को कंट्रोल करने के भी उपाय करने होंगे।
यात्री इस बात से बहुत परेशान हैं। उन्हें बसों का घंटों तक इंतज़ार करना पड़ता है! मुलुंड, घाटकोपर, कुर्ला जैसे इलाकों में हालत और भी खराब होते जा रही है। टैक्सी और ऑटो चालकों की कमी भी मुसीबत को बढ़ा रही है।































