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Epstein Files: ट्रम्प पर लगा नाबालिग के यौन शोषण का सीधा आरोप, गायब दस्तावेजों ने बढ़ाई मुश्किलें

Epstein Files:
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Epstein Files: वर्षों से जेफ्री एपस्टीन के ‘यौन अपराध साम्राज्य’ की जांच कर रहे अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने नए और चौंकाने वाले दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन फाइलों ने न केवल एपस्टीन के नेटवर्क की भयावहता को फिर से उजागर किया है, बल्कि पहली बार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीधे तौर पर गंभीर आरोपों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

पीड़िता का सनसनीखेज दावा: “मैं तब नाबालिग थी”
न्याय विभाग द्वारा जारी FBI इंटरव्यू के दस्तावेजों में एक महिला ने रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। महिला के मुताबिक:

  • परिचय: 1980 के दशक में, जब वह एक टीनएजर (किशोरी) थी, तब जेफ्री एपस्टीन ने ही उसे डोनाल्ड ट्रम्प से मिलवाया था।
  • शोषण का आरोप: महिला का दावा है कि जब उसकी उम्र महज 13 से 15 साल के बीच थी, तब एपस्टीन और ट्रम्प दोनों ने उसका यौन शोषण किया।
  • ट्रम्प का पक्ष: डोनाल्ड ट्रम्प ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए किसी भी गलत काम में शामिल होने से लगातार इनकार किया है। हालांकि, जारी दस्तावेजों में ट्रम्प का नाम हजारों बार आया है, जो उनके और एपस्टीन के बीच गहरे संबंधों की ओर इशारा करते हैं।

FBI की ‘भूल’ या सोची-समझी साजिश?
इस मामले में सबसे विवादास्पद मोड़ उन दस्तावेजों का ‘गायब’ होना है, जिन्हें अब जारी किया गया है।

  • चार इंटरव्यू, एक रिलीज: FBI ने पीड़िता के साथ कुल चार इंटरव्यू किए थे, लेकिन लंबे समय तक केवल एक ही सार्वजनिक किया गया था।
  • ‘डुप्लीकेट’ का बहाना: बाकी तीन महत्वपूर्ण इंटरव्यू को दबाए रखने पर जब सवाल उठे, तो अधिकारियों ने इसे एक ‘तकनीकी गलती’ करार दिया। विभाग का कहना है कि इन्हें गलती से ‘डुप्लीकेट’ फाइलें मानकर रोक लिया गया था।

कानूनी विशेषज्ञों की राय, “यह महज संयोग नहीं हो सकता कि जिन दस्तावेजों में सबसे गंभीर आरोप थे, उन्हें ही ‘गलती’ से फाइल में नीचे दबा दिया गया था।”

एपस्टीन का ईमेल ट्रेल और ट्रम्प
इन दस्तावेजों में एपस्टीन के हजारों ईमेल और पत्राचार शामिल हैं। हालांकि इससे पहले सामने आई किसी भी पीड़िता ने ट्रम्प पर सीधा आपराधिक आरोप नहीं लगाया था, लेकिन इन नए दस्तावेजों ने पूरी जांच की दिशा बदल दी है। ये ईमेल साबित करते हैं कि ट्रम्प और एपस्टीन के बीच केवल सामाजिक संबंध नहीं थे, बल्कि वे लगातार संपर्क में थे।

न्याय की कसौटी पर रसूखदार
जेफ्री एपस्टीन की जेल में रहस्यमयी मौत के बाद भी उसका ‘ब्लैक बुक’ दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की नींद उड़ा रहा है। यदि इन ताजा आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा कानूनी और राजनीतिक संकट बन सकता है। सवाल अब केवल एक अपराधी का नहीं, बल्कि उस ‘सिस्टम’ का है जिसने वर्षों तक इन दस्तावेजों को जनता की नजरों से दूर रखा।

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