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‘370 बिरयानी’ विवाद में प्रणित मोरे पर दर्ज हुई FIR

प्रणित मोरे
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महाराष्ट्र साइबर सेल ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और उनके कार्यक्रम से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कथित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार के मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर अधिक व्यूअरशिप और ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से विवादित कंटेंट का प्रचार-प्रसार किया गया।

यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर प्रसारित वीडियो के बाद कार्रवाई

महाराष्ट्र साइबर, जो राज्य में साइबर अपराधों की नोडल एजेंसी है, ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के दौरान कुछ वीडियो और क्लिप्स को चिन्हित किया। जांच एजेंसी के अनुसार, इन वीडियो में महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित रूप से अश्लील, अपमानजनक और सामाजिक मूल्यों के विपरीत टिप्पणियां की गई थीं।

ये वीडियो कथित तौर पर प्रणित मोरे के कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे और बाद में यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किए गए।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

इस मामले में महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 75(1)(iv), 75(3), 294, 353(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

FIR में कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा, डॉ. सेजल पवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

महिलाओं और कंसेंट को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी

जांच के दौरान महाराष्ट्र साइबर को एक वीडियो क्लिप मिली, जिसमें कथित तौर पर हिमांशु जांगरा द्वारा डेट पर खर्च किए गए पैसे के बदले शारीरिक संबंध का अधिकार होने जैसी टिप्पणी की गई थी। पुलिस के अनुसार, यह टिप्पणी महिलाओं की गरिमा और सहमति जैसे संवेदनशील विषयों को हल्के में लेने वाली और अपमानजनक है।

मृत व्यक्तियों पर टिप्पणी को लेकर भी विवाद

एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर डॉ. सेजल पवार द्वारा मेडिकल शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों और मृत पुरुषों के शरीरों को लेकर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप है। महाराष्ट्र साइबर का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां मृत व्यक्तियों की गरिमा और सार्वजनिक शालीनता के स्वीकार्य मानकों का उल्लंघन करती हैं।

व्यूअरशिप और मोनेटाइजेशन के लिए कंटेंट फैलाने का आरोप

जांच एजेंसी का आरोप है कि विवादित सामग्री को जानबूझकर अधिक दर्शक जुटाने, दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने और ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया।

प्रणित मोरे समेत तीनों को भेजा गया समन

महाराष्ट्र साइबर ने प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार को समन जारी कर पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील

महाराष्ट्र साइबर ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन सामग्री तैयार करते और साझा करते समय कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारियों का पालन करें। साथ ही नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि वे इस तरह की कथित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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