मुंबई में एसएससी और एचएससी की परीक्षा को देखते हुए सायन रेल ओवरब्रिज को तोड़ने का काम मार्च के अंत तक टाल दिया गया है। पहले यह काम 27 फरवरी से शुरू होना था।
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर का काम कई चुनौतियों से भरा होता है। सरकार और प्रशासन अक्सर इस कोशिश में रहते हैं कि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
एसएससी और एचएससी की परीक्षा चल रही हैं, इसलिए केंद्रीय रेलवे ने मुंबई के सायन रेल ओवरब्रिज को तोड़ने का काम फिलहाल टाल दिया है। अब यह काम मार्च के अंत में शुरू होगा, ताकि छात्र-छात्राओं को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके। पहले यह काम 27 फरवरी से शुरू होने वाला था, लेकिन मुंबई ट्रैफिक पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर ने छात्र-छात्राओं की परेशानी को देखते हुए इसे टालने की अपील की थी।
ब्रिटिश काल के इस ब्रिज को तोड़ने में करीब छह महीने और फिर इसे दोबारा बनाने में डेढ़ साल का समय लगेगा। इस ब्रिज को तोड़ने का मकसद पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाना है, ताकि मेल और लोकल ट्रेनों की सेवाओं में सुधार हो सके। सायन ब्रिज मुंबई के धारावी, एलबीएस रोड और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ता है। आईआईटी बॉम्बे ने साल 2020 में अपनी ऑडिट रिपोर्ट में इस ब्रिज को असुरक्षित बताया था।
सायन ओवरब्रिज को तोड़ने का काम जनवरी में ही शुरू होना था, लेकिन स्थानीय लोगों और सांसद राहुल शेवाले ने इसे टालने की मांग की थी, क्योंकि इससे ट्रैफिक बाधित होने का डर था।
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मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों के कारण लोगों को कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उम्मीद है कि सायन ब्रिज के दोबारा बनने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा।





























