Thane 27 Illegal Water Connections: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही पानी की मांग बढ़ जाती है, और इसी के साथ अवैध पानी कनेक्शन (illegal water connections) की समस्या भी सामने आती है। ठाणे नगर निगम ने इस बार इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और मुंब्रा व दीवा इलाकों में बड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को निगम ने 27 अवैध पानी कनेक्शन काट दिए। यह सब एक खास अभियान का हिस्सा था, जिसके तहत पानी की चोरी को रोकने की कोशिश की जा रही है। नई पीढ़ी के लिए यह खबर इसलिए खास है, क्योंकि पानी जैसी बुनियादी चीज का सही इस्तेमाल हम सबकी जिम्मेदारी है। आइए, इस कार्रवाई की पूरी कहानी को समझते हैं।
ठाणे नगर निगम ने पिछले दो दिनों में कुल 56 अवैध कनेक्शन काटे हैं। इसमें से 27 कनेक्शन मुंब्रा और दीवा में थे। इसके अलावा, अवैध पानी टैंकर भरने वाली तीन जगहों को भी बंद कर दिया गया। यह सब तब शुरू हुआ, जब गर्मियों में पानी की कमी की शिकायतें बढ़ने लगीं। लोगों ने बताया कि कुछ लोग मुख्य पाइपलाइन से पानी चुराकर टैंकरों में भर रहे थे और उसे बेच रहे थे। इसकी जांच के बाद निगम ने सख्त कदम उठाया। दो लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं, जो इस गैरकानूनी काम में शामिल थे। यह कार्रवाई अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे और नगर अभियंता प्रशांत सोनाग्रा की देखरेख में हुई, जिसके पीछे नगर आयुक्त सौरभ राव का निर्देश था।
इस अभियान में 11 पंप भी जब्त किए गए, जो अवैध कनेक्शन (illegal water connections) से पानी खींचने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। निगम का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। वे आगे भी ऐसी कार्रवाइयां करते रहेंगे, ताकि पानी का सही बंटवारा हो सके। मुंब्रा और दीवा जैसे इलाकों में पानी की सप्लाई पहले से ही सीमित है। ऐसे में जब कुछ लोग चोरी से पानी लेते हैं, तो बाकी लोगों को परेशानी होती है। निगम ने यह भी बताया कि वे 27 अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
यह समस्या सिर्फ ठाणे तक सीमित नहीं है। पास के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) ने भी ऐसा ही अभियान चलाया। वहां के बेल बाजार इलाके में भैंसों के तबेलों के लिए अवैध पाइपलाइन से पानी लिया जा रहा था। केडीएमसी की टीम ने मुख्य पाइपलाइन में छेद करके लगाई गई 65 अवैध लाइनों को काट दिया। यह कार्रवाई सिटी इंजीनियर अनिता परदेशी ने की, जिसके पीछे केडीएमसी प्रमुख डॉ. इंदु रानी जाखड़ का मार्गदर्शन था। इससे पता चलता है कि पानी की चोरी को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में एक साथ कदम उठाए जा रहे हैं।
पानी की चोरी का यह खेल कोई नई बात नहीं है। गर्मियों में जब पानी की जरूरत सबसे ज्यादा होती है, तब कुछ लोग मौके का फायदा उठाते हैं। वे मुख्य पाइपलाइन में छेद करके या गैरकानूनी पंप लगाकर पानी चुराते हैं। फिर इसे टैंकरों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचते हैं। लेकिन इसकी कीमत उन लोगों को चुकानी पड़ती है, जिन्हें वैध तरीके से पानी मिलना चाहिए। ठाणे नगर निगम और केडीएमसी की यह कार्रवाई पानी की चोरी रोकने की दिशा में बड़ा कदम (step against water theft) है।
नई पीढ़ी के लिए यह समझना जरूरी है कि पानी एक सीमित संसाधन है। जब हम इसे बर्बाद करते हैं या चोरी होने देते हैं, तो इसका असर सब पर पड़ता है। ठाणे में चल रहा यह अभियान न सिर्फ अवैध कनेक्शनों को खत्म कर रहा है, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रहा है। निगम ने सोशल मीडिया पर भी अपनी कार्रवाई की जानकारी दी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस बारे में जान सकें। मुंब्रा और दीवा में काटे गए 27 कनेक्शन इस बात का सबूत हैं कि सख्ती से हालात सुधारे जा सकते हैं।
यह कार्रवाई इसलिए भी खास है, क्योंकि यह तकनीक और जागरूकता का मिश्रण है। निगम की टीमें न सिर्फ अवैध कनेक्शन काट रही हैं, बल्कि यह भी देख रही हैं कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो। पानी की चोरी रोकने की दिशा में बड़ा कदम (step against water theft) उठाते हुए वे पंप और टैंकरों पर भी नजर रख रहे हैं। यह सब देखकर लगता है कि पानी जैसी जरूरी चीज को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास हो रहे हैं।