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World Happiness Index 2025: भारत से ज्यादा खुश हैं पाकिस्तान और नेपाल के लोग, World Happiness Index में मिला 118वां स्थान

World Happiness Index 2025: भारत से ज्यादा खुश हैं पाकिस्तान और नेपाल के लोग, World Happiness Index में मिला 118वां स्थान

हर साल की तरह इस बार भी दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट सामने आ गई है। वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स (World Happiness Index) की ताजा रिपोर्ट 20 मार्च 2025 को जारी हुई, जिसमें फिनलैंड ने लगातार आठवीं बार पहला स्थान हासिल किया। इस सूची में 147 देशों को शामिल किया गया है, और भारत को 118वां स्थान मिला है। पिछले साल हम 126वें नंबर पर थे, यानी इस बार हमारी रैंकिंग में आठ स्थानों का सुधार हुआ है। लेकिन एक बात जो चौंका देती है, वह यह कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान और नेपाल हमसे आगे निकल गए हैं।

पाकिस्तान को इस बार 109वीं रैंक मिली है, जबकि नेपाल भी भारत से ऊपर है। यह सुनकर शायद आपको हैरानी हो, लेकिन यह सच है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि खुशहाली सिर्फ पैसे या आर्थिक तरक्की से नहीं मापी जाती। इसमें लोगों का एक-दूसरे पर भरोसा, सामाजिक रिश्ते और जीवन से संतुष्टि भी अहम भूमिका निभाते हैं। लोगों से उनके जीवन को 0 से 10 तक रेट करने को कहा गया, और उसी आधार पर यह रैंकिंग तैयार हुई।

फिनलैंड के बाद डेनमार्क, आइसलैंड और स्वीडन जैसे नॉर्डिक देश टॉप पर हैं। ये देश हर बार अपनी खुशहाली से दुनिया को हैरान करते हैं। लेकिन इस बार कुछ नए नाम भी शीर्ष 10 में शामिल हुए हैं। मिसाल के तौर पर, कोस्टा रिका छठे और मेक्सिको 10वें स्थान पर पहुंच गया। दूसरी तरफ, अमेरिका अपनी अब तक की सबसे खराब रैंकिंग 24वें नंबर पर खिसक गया। 2012 में वह 11वें स्थान पर था, लेकिन अब वहां अकेलापन बढ़ने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले दो दशकों में अमेरिका में अकेले खाना खाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है।

अब बात करते हैं उन देशों की, जो इस सूची में सबसे नीचे हैं। अफगानिस्तान को दुनिया का सबसे दुखी देश बताया गया है। वहां की महिलाओं का कहना है कि उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल है। इसके बाद पश्चिमी अफ्रीका का सिएरा लियोन और लेबनान का नंबर आता है। इन देशों में जिंदगी की चुनौतियां इतनी ज्यादा हैं कि लोग खुशी से कोसों दूर हैं। वहीं, इस्राइल जैसे देश ने सबको चौंकाया। हमास के साथ युद्ध के बावजूद वह आठवें स्थान पर है।

भारत की स्थिति को समझने के लिए हमें थोड़ा गहराई में जाना होगा। विश्व खुशहाली सूचकांक 2025 (World Happiness Index 2025) में हमारा सुधार तो हुआ है, लेकिन हम अभी भी बहुत पीछे हैं। हमारे पड़ोस में पाकिस्तान और नेपाल जैसे देश, जो कई मायनों में हमसे कम संसाधन रखते हैं, फिर भी खुशहाली में आगे हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हम बिल्कुल दुखी हैं, बल्कि यह है कि हमें अपने समाज में भरोसा और जुड़ाव बढ़ाने की जरूरत है। मिसाल के तौर पर, फिनलैंड में लोग एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं और वहां का सामाजिक ढांचा मजबूत है।

यह रिपोर्ट गैलप और यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशन नेटवर्क के साथ मिलकर तैयार की गई है। इसमें हर देश के लोगों से उनकी जिंदगी के बारे में सवाल पूछे गए। भारत में शायद तनाव, काम का दबाव और सामाजिक दूरी जैसे कारण हमें पीछे रख रहे हैं। लेकिन यह भी सच है कि पिछले साल के मुकाबले हम बेहतर हुए हैं। हमारे लिए यह एक संकेत है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं, भले ही रास्ता लंबा हो।

सोचिए, एक तरफ फिनलैंड जैसे देश हैं, जहां लोग ठंडे मौसम में भी मुस्कुराते हैं। दूसरी तरफ अफगानिस्तान जैसे देश हैं, जहां जिंदगी हर दिन एक जंग है। और फिर हम हैं, जो बीच में कहीं खड़े हैं। यह रैंकिंग सिर्फ नंबरों की बात नहीं है, बल्कि यह बताती है कि हम अपनी जिंदगी को कैसे देखते हैं। हर देश की अपनी कहानी है, और भारत की कहानी में अभी बहुत कुछ बदलना बाकी है।


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