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Mumbai Bomb Blast: टाइगर मेमन की 14 संपत्तियां जब्त, 1993 मुंबई धमाकों का हिसाब अब पूरा हुआ

Mumbai Bomb Blast: टाइगर मेमन की 14 संपत्तियां जब्त, 1993 मुंबई धमाकों का हिसाब अब पूरा हुआ

Mumbai Bomb Blast: मुंबई का इतिहास कई सुनहरी यादों के साथ-साथ कुछ दर्दनाक पन्नों से भी भरा है। 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने इस शहर को हिलाकर रख दिया था। उस दिन 13 बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हुए थे। इस भयानक घटना के पीछे साजिश रचने वाला टाइगर मेमन आज भी लोगों के जेहन में है। अब, 32 साल बाद, मुंबई की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। टाइगर मेमन और उसके परिवार की 14 संपत्तियां केंद्र सरकार के हवाले कर दी गई हैं। यह खबर नई पीढ़ी के लिए इसलिए खास है, क्योंकि यह हमें उस दौर की सच्चाई और आज के न्याय की ताकत दिखाती है।

यह फैसला 01 अप्रैल 2025 को सामने आया। विशेष TADA अदालत के जज वी.डी. केदार ने 26 मार्च को आदेश दिया था कि इन संपत्तियों को केंद्र सरकार को सौंपा जाए। ये संपत्तियां 1994 से बॉम्बे हाई कोर्ट के रिसीवर के पास थीं। इसमें मुंबई के अलग-अलग इलाकों में फैली इमारतें, फ्लैट और दुकानें शामिल हैं। मसलन, बांद्रा पश्चिम में एक फ्लैट, माहिम में एक ऑफिस और एक भूखंड, सांताक्रूज पूर्व में एक फ्लैट, कुर्ला में दो फ्लैट, मोहम्मद अली रोड पर एक ऑफिस, डोंगरी में एक दुकान, मनीष मार्केट में तीन दुकानें और शेख मेमन स्ट्रीट की एक इमारत। इन सबको अब सरकार अपने कब्जे में लेगी।

1993 का वह दिन मुंबई के लिए काला दिन था। सुबह से शाम तक अलग-अलग जगहों पर बम फटे थे। इस हमले की जांच CBI ने अपने हाथ में ली थी। जांच में पता चला कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था। टाइगर मेमन और मोहम्मद दोसा इसके मुख्य गुर्गे थे। दाऊद और टाइगर आज भी फरार हैं, लेकिन टाइगर के भाई याकूब मेमन को दोषी पाया गया था। उसे 2015 में फांसी दी गई थी। अब “टाइगर मेमन संपत्ति” (Tiger Memon Property) का यह फैसला उस साजिश के खिलाफ एक और कदम है।

अदालत ने यह फैसला तस्कर और विदेशी मुद्रा छलसाधक (संपत्ति समपहरण) अधिनियम के तहत लिया। इस कानून का मकसद ऐसे अपराधियों की गैरकानूनी कमाई को ढूंढना और उसे सरकार के हवाले करना है। टाइगर की ये 14 संपत्तियां ऋण से मुक्त हैं, यानी इन पर कोई कर्ज बाकी नहीं है। इसलिए अदालत ने इन्हें केंद्र को सौंपने का आदेश दिया। यह सुनकर लगता है कि इतने सालों बाद भी न्याय की प्रक्रिया रुकी नहीं है। “1993 मुंबई बम धमाके” (1993 Mumbai Bomb Blasts) आज भी लोगों के लिए एक सबक हैं कि अपराध का अंत हमेशा होता है।

इन संपत्तियों का जिक्र सुनकर मुंबई की पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। बांद्रा, माहिम, कुर्ला और डोंगरी जैसे इलाके उस दौर में भी चर्चा में थे। ये संपत्तियां टाइगर मेमन और उसके परिवार ने अपराध से कमाए पैसों से बनाई थीं। CBI की जांच में यह साफ हुआ था कि इन धमाकों का मकसद मुंबई को कमजोर करना था। लेकिन मुंबई ने हर बार खुद को संभाला और आज भी मजबूती से खड़ी है। अदालत का यह फैसला उस हौसले को और मजबूत करता है।

नई पीढ़ी के लिए यह खबर इसलिए मायने रखती है, क्योंकि यह हमें इतिहास से जोड़ती है। 1993 में जो हुआ, वह सिर्फ किताबों की बात नहीं है। यह एक ऐसी घटना थी, जिसने मुंबई के लोगों की जिंदगी बदल दी थी। टाइगर मेमन जैसे लोग भले ही फरार हों, लेकिन उनकी साजिश का हिस्सा अब सरकार के पास जा रहा है। यह फैसला उस दर्द को याद दिलाता है, जो मुंबई ने झेला, और उस ताकत को भी दिखाता है, जो आज भी इस शहर में बरकरार है।


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