पाकिस्तान के मशहूर एक्टर फवाद खान की भारत में फैन फॉलोइंग किसी से छिपी नहीं है। उनकी एक्टिंग और चार्म ने भारतीय दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। लेकिन हाल ही में जब खबर आई कि फवाद खान 9 साल बाद बॉलीवुड में अपनी नई फिल्म के साथ वापसी कर रहे हैं, तो यह खबर सुर्खियों में छा गई। जहां फैंस इस खबर से उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर इस वापसी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से।
9 मई को रिलीज होगी ‘अबीर गुलाल’
फवाद खान की अपकमिंग फिल्म का नाम है ‘अबीर गुलाल’, जो 9 मई 2025 को थियेटरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसमें फवाद खान के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर फीमेल लीड के तौर पर नजर आ रही हैं। टीजर के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फवाद खान के बॉलीवुड कमबैक की चर्चा तेज हो गई। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस खुशी के बीच एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र में विरोध की लहर
फवाद खान की वापसी की खबर जैसे ही फैली, महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इस फिल्म और फवाद खान के बॉलीवुड में काम करने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।
मनसे नेता अमेय खोपकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साफ शब्दों में कहा, “हम कई बार कह चुके हैं कि पाकिस्तानी कलाकारों की फिल्में भारत में रिलीज नहीं होंगी। इसके बावजूद कुछ लोग जिद पर अड़े हैं। ऐसे में मनसे के सिपाही उन्हें सबक सिखाएंगे और यह काम हम करते रहेंगे।” उन्होंने ये भी दावा किया कि वो ‘अबीर गुलाल’ को महाराष्ट्र में रिलीज नहीं होने देंगे। खोपकर ने कहा कि इस फिल्म के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है, लेकिन किसी भी हाल में इसे राज्य में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एकनाथ शिंदे के नेता की सलाह
वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने फवाद खान को सलाह दी कि वो भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बजाय पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री में अपने टैलेंट को आजमाएं। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तानी एक्टर्स को भारत में काम करने की इजाजत देना या न देना, ये फैसला पूरी तरह से सरकार के हाथ में है। उनका मानना है कि इस मुद्दे पर राजनीति से ज्यादा नीतिगत निर्णय की जरूरत है।
फवाद खान का बॉलीवुड सफर
फवाद खान ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत साल 2014 में फिल्म ‘खूबसूरत’ से की थी, जिसमें उनके साथ सोनम कपूर नजर आई थीं। इसके बाद वह ‘कपूर एंड संस’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसी फिल्मों में दिखे, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। लेकिन 2016 में उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते बॉलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों पर अनौपचारिक बैन लग गया था। अब 9 साल बाद उनकी वापसी की खबर ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है।
क्या है आगे की राह?
फवाद खान की फिल्म ‘अबीर गुलाल’ को लेकर जहां फैंस में उत्साह है, वहीं महाराष्ट्र में इसका विरोध तेज होता जा रहा है। मनसे और शिवसेना के नेताओं ने साफ कर दिया है कि वह इस फिल्म को राज्य में रिलीज नहीं होने देंगे। दूसरी ओर, फिल्ममेकर्स और फवाद के फैंस इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि यह विवाद जल्द सुलझ जाए और दर्शकों को यह फिल्म देखने का मौका मिले।
फवाद खान की बॉलीवुड वापसी एक तरफ उनके टैलेंट और फैन बेस की ताकत दिखाती है, तो दूसरी तरफ यह भारत-पाकिस्तान के बीच संवेदनशील रिश्तों को भी उजागर करती है। अब देखना यह है कि क्या ‘अबीर गुलाल’ सिनेमाघरों तक पहुंच पाएगी या यह विवाद इसकी राह में रोड़ा बन जाएगा। आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।
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