मुंबई के प्रतिष्ठित लीलावती अस्पताल ने ‘रोशनी कैटरेक्ट सर्विसेस’ नाम की एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत गरीब लोगों की आंखों की मुफ्त जांच और मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा। अस्पताल के ट्रस्टियों और डॉक्टरों की टीम ने इसका उद्घाटन किया।
लीलावती अस्पताल के इस कदम का मकसद गरीबों को आंखों की अच्छी देखभाल मुहैया कराना है। इसके तहत आंखों की जांच से लेकर मोतियाबिंद के ऑपरेशन तक, सभी सुविधाएं मुफ्त होंगी। अस्पताल ने यह संकल्प लिया है कि कोई भी इंसान आर्थिक तंगी की वजह से अच्छी आंखों की रोशनी से वंचित न रहे।
अस्पताल के एक ट्रस्टी, राजीव मेहता ने बताया कि ज़्यादातर लोगों को मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के बारे में सही जानकारी ही नहीं है। लोग यह भी नहीं समझते कि सही समय पर इलाज क्यों जरूरी है। कई बार गरीब लोग इलाज का खर्च नहीं उठा पाते, खासकर ग्रामीण इलाकों में तो यह समस्या और भी ज्यादा है।
लीलावती अस्पताल के सीओओ डॉक्टर नीरज उत्तमणि ने बताया कि भारत में मोतियाबिंद अंधेपन की एक बड़ी वजह है। ऐसे समय में इस तरह की पहल बहुत जरूरी है।
इस पहल के पहले ही चरण में करीब 200 मरीजों की आंखों की जांच हो चुकी है और 29 मरीजों का मुफ्त में ऑपरेशन किया जाएगा।
अस्पताल का लक्ष्य 500 से ज्यादा ऐसे ऑपरेशन करना है।





























