देश-विदेश

DGCA का ‘सुरक्षा प्रहार’: अब चार्टर विमानों की लापरवाही पर नपेंगे कंपनी के बड़े अफसर

DGCA
DGCA

DGCA का ‘सुरक्षा प्रहार’: हवाई सफर में सुरक्षा अब केवल पायलट की जिम्मेदारी नहीं होगी। झारखंड में हुए हालिया दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे से सबक लेते हुए विमानन नियामक DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेटर्स (NSOP) के लिए कड़े सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों का स्पष्ट संदेश है—सिस्टम की चूक के लिए अब कंपनियों के प्रबंधकों और बड़े अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

जवाबदेही का नया मॉडल: पायलट सुरक्षित, प्रबंधन पर गाज
अक्सर देखा गया है कि सुरक्षा चूक होने पर केवल पायलट पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी जाती थी। लेकिन डीजीसीए ने साफ कर दिया है कि:

  • व्यक्तिगत जिम्मेदारी: नियमों की बड़ी अनदेखी होने पर अब कंपनी के जिम्मेदार मैनेजर और अधिकारी दोषी माने जाएंगे।
  • पायलट की सर्वोच्चता: यदि पायलट सुरक्षा कारणों से उड़ान को डायवर्ट, देरी या रद्द करने का फैसला लेता है, तो वह निर्णय अंतिम होगा।
  • कमर्शियल दबाव पर रोक: कोई भी कंपनी सुरक्षा कारणों से उड़ान रद्द करने पर पायलट के खिलाफ कोई भी ‘कमर्शियल एक्शन’ या दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेगी।

NSOP के लिए नई कड़ी गाइडलाइंस
नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स, जिनका कोई निश्चित टाइम टेबल या तय रूट नहीं होता, उनके लिए डीजीसीए ने सुरक्षा के घेरे को और मजबूत किया है:

  • स्टार रैंकिंग सिस्टम: अब इन ऑपरेटर्स को उनकी सुरक्षा के स्तर पर 1 से 5 स्टार की रेटिंग दी जाएगी। इससे यात्री यह जान पाएंगे कि कौन सी चार्टर कंपनी सबसे सुरक्षित है।
  • कड़ा दंड: नियम तोड़ने वाले पायलटों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ 5 साल तक के लिए लाइसेंस सस्पेंशन का प्रावधान किया गया है।
  • सार्वजनिक डेटा: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब विमानों की उम्र और उनके रखरखाव (Maintenance) का इतिहास सार्वजनिक किया जाएगा।
  • निगरानी और मौसम: पुराने हो चुके विमानों और मालिकाना हक बदलने वाली कंपनियों पर सरकारी एजेंसियां विशेष नजर रखेंगी। साथ ही, कंपनियों के लिए पल-पल के मौसम की जानकारी का सटीक सिस्टम अनिवार्य होगा।

नियमों की सख्ती का कारण: झारखंड हादसा
यह कड़ाई बीते सोमवार को झारखंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद बरती गई है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में चार्टर उड़ानों के दौरान अक्सर मौसम या तकनीकी खराबी को नजरअंदाज करने की शिकायतें आती रही हैं। डीजीसीए का यह कदम निजी विमानन क्षेत्र में अनुशासन लाने की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित होगा।

एक नजर में प्रमुख बदलाव

 

विषय/पॉइंटपुराना नियमनया नियम (DGCA गाइडलाइन)
जिम्मेदारीमुख्य जिम्मेदारी पायलट की होती थीबड़ी लापरवाही पर कंपनी के अफसर भी दोषी होंगे
विमान की जानकारीविमान की उम्र गुप्त रहती थीमेंटेनेंस हिस्ट्री और उम्र सार्वजनिक होगी
सुरक्षा रेटिंगसुरक्षा के आधार पर कोई रेटिंग नहीं थी1 से 5 स्टार सुरक्षा रैंकिंग अनिवार्य
प्रबंधन दबावप्रबंधन का व्यावसायिक दबाव रहता थापायलट का सुरक्षा संबंधी निर्णय सर्वोपरि होगा

You may also like