पीएम मोदी को भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके विशेष योगदान के लिए इजराइल की संसद ‘नेसेट’ के सर्वोच्च सम्मान स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया गया। ये सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री और चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं।
ये प्रतिष्ठित पदक नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद प्रदान किया। इस सम्मान को भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत भूमिका की स्वीकृति माना जा रहा है।
भारत-इजराइल संबंधों को नई मजबूती
इजराइल की ये सर्वोच्च संसदीय मान्यता उन प्रयासों की सराहना है, जिनके माध्यम से दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि, नवाचार और सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई 2017 की ऐतिहासिक इजराइल यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था। नौ वर्षों में ये उनकी दूसरी इजराइल यात्रा है, जिसने द्विपक्षीय रिश्तों को और गहराई दी है।
पीएम मोदी का वक्तव्य
सम्मान ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारत और इजराइल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि वे इस पदक को विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हैं, और ये दोनों देशों के साझा मूल्यों और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।
फिलिस्तीन से भी मिल चुका है सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विरले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इजराइल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है।
उन्हें वर्ष 2018 में फिलिस्तीन द्वारा ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ से सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
ये तथ्य भारत की संतुलित पश्चिम एशिया नीति और दोनों देशों के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है।
28 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मान
स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल, प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए 28 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में नया जुड़ाव है।
हाल के वर्षों में उन्हें ओमान का ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’, इथियोपिया का ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ और कुवैत का ‘ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन
इजराइली संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को स्टैंडिंग ओवेशन मिला। सांसदों ने उनका जोरदार तालियों से स्वागत किया और कई सदस्यों ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल के संबंध आधुनिक राष्ट्र बनने से भी पहले, दो हजार वर्षों से अधिक पुराने हैं। उन्होंने यहूदी समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में यहूदी बिना किसी भेदभाव या उत्पीड़न के सदियों से सम्मानपूर्वक रह रहे हैं।
सांस्कृतिक जुड़ाव और युवा पीढ़ी को आमंत्रण
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज इजराइल में योग और आयुर्वेद के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अधिक से अधिक युवा इजराइलियों को भारत आने और भारतीय संस्कृति, समाज और समग्र स्वास्थ्य पद्धति का अनुभव करने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने ये भी बताया कि भारतीय संसद में इजराइल के लिए संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया है और भविष्य में सांसदों के बीच अधिक आदान-प्रदान की उम्मीद जताई।
मजबूत कूटनीति का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान मिलना भारत की संतुलित और बहुआयामी विदेश नीति का प्रतीक माना जा रहा है। ये सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीतिक साख और प्रभाव को भी दर्शाता है।
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