मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा का तांडव देखने को मिला है। बुधवार की देर रात बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में हुई सिलसिलेवार घटनाओं ने राज्य में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। एक तरफ जहाँ संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने सेना के कैंप को निशाना बनाया, वहीं दूसरी ओर भीड़ द्वारा सुरक्षा बलों के वाहनों को फूंकने की घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
आधी रात को थर्राया बिष्णुपुर: सेना के कैंप पर हमला
पुलिस और सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हिंसा की शुरुआत बुधवार रात करीब 11:40 बजे हुई। बिष्णुपुर जिले के फौलजांग और गोथोल क्षेत्र में स्थित सेना के एक अग्रिम शिविर (Forward Camp) पर संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने अचानक भारी गोलीबारी शुरू कर दी।
* जवाबी कार्रवाई: कैंप पर हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की।
* मुठभेड़: अंधेरे का फायदा उठाकर उग्रवादी पहाड़ियों की ओट से हमले कर रहे थे। दोनों ओर से काफी देर तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
चुराचांदपुर में बवाल: भीड़ ने सुरक्षा वाहन को फूंका
बिष्णुपुर की घटना से कुछ घंटे पहले चुराचांदपुर के तुइबोंग इलाके में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब सुरक्षा बलों के एक वाहन की चपेट में आने से दो स्थानीय नागरिक घायल हो गए।
इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा:
* हिंसक प्रदर्शन: सैकड़ों की संख्या में भीड़ सड़कों पर उतर आई और सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
* आगजनी: आक्रोशित भीड़ ने सुरक्षा बलों के एक वाहन को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जल उठा।
* तनाव: इस घटना के बाद पूरे तुइबोंग और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
मणिपुर में पिछले कई महीनों से जारी जातीय संघर्ष के बीच इन ताजा घटनाओं ने ‘इंटेलिजेंस इनपुट’ और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। बिष्णुपुर और चुराचांदपुर की सीमा पर स्थित ये इलाके पहले से ही ‘बफर जोन’ माने जाते रहे हैं, जहाँ उग्रवादियों की सक्रियता अक्सर देखी जाती है।
अधिकारियों का बयान: “हम स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उपद्रवियों और उग्रवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।”
वर्तमान स्थिति
फिलहाल, दोनों प्रभावित जिलों में अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं। ड्रोन और तकनीकी उपकरणों की मदद से संदिग्ध उग्रवादियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। बिष्णुपुर के प्रभावित इलाकों में अभी भी दहशत का माहौल है और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं।
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