Indian Railways देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण परिवहन व्यवस्था मानी जाती है। हर दिन करोड़ों यात्री भारतीय रेल के जरिए सफर करते हैं और यही वजह है कि रेलवे को देश की “जीवन रेखा” भी कहा जाता है। अब कई वर्षों बाद भारतीय रेलवे अपनी पहचान में बड़ा बदलाव करने जा रही है। रेलवे मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर रेलवे के लोगो को बदलने की मंजूरी दे दी है और नया लोगो 1 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।
भारतीय रेलवे का लोगो केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि उसके इतिहास, संरचना और विस्तार का प्रतिनिधित्व करता है। मौजूदा लोगो के केंद्र में एक WG स्टीम इंजन बना हुआ है, जिसके चारों ओर सितारे दिखाई देते हैं। ये सितारे भारतीय रेलवे के विभिन्न जोनल रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब रेलवे में एक नए जोन के जुड़ने के बाद लोगो में भी बदलाव किया जा रहा है।
क्यों बदला जा रहा है रेलवे का लोगो?
रेल मंत्रालय ने हाल ही में देश में एक नए रेलवे जोन के गठन को मंजूरी दी है। इस नए जोन का नाम South Coast Railway रखा गया है। ये भारतीय रेलवे का 18वां जोन होगा और इसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश के Vijayawada में स्थापित किया गया है।
ये नया जोन 1 जून 2026 से पूरी तरह कार्यरत हो जाएगा। इसी कारण रेलवे के लोगो में अब 17 की जगह 18 सितारे शामिल किए जाएंगे, ताकि सभी जोनल रेलवे को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जा सके।
भारतीय रेलवे के लोगो का इतिहास
भारतीय रेलवे के लोगो में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। वर्ष 2003 से पहले लोगो में केवल 9 सितारे हुआ करते थे। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की सरकार ने सात नए रेलवे जोन बनाए थे। इसके बाद लोगो में सितारों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई थी।
फिर वर्ष 2010 में Metro Railway Kolkata को अलग रेलवे जोन का दर्जा मिला। उस दौरान केंद्र में Manmohan Singh की सरकार थी। इसके बाद लोगो में सितारों की संख्या 17 हो गई थी।
अब दक्षिण तट रेलवे के जुड़ने के साथ ही लोगो में 18वां सितारा जोड़ा जाएगा और भारतीय रेलवे की नई पहचान सामने आएगी।
क्या खास होगा नए लोगो में?
रेलवे बोर्ड के दस्तावेजों के मुताबिक लोगो की मूल संरचना में ज्यादा बदलाव नहीं किया जाएगा। केंद्र में स्टीम इंजन की पारंपरिक छवि बनी रहेगी, लेकिन उसके चारों ओर मौजूद सितारों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी जाएगी। ये बदलाव भारतीय रेलवे के विस्तार और आधुनिक विकास को दर्शाने वाला माना जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नया लोगो केवल एक डिजाइन परिवर्तन नहीं बल्कि भारतीय रेलवे के बढ़ते नेटवर्क और नई प्रशासनिक संरचना का प्रतीक होगा। 1 जून 2026 से ये लोगो रेलवे के सभी आधिकारिक दस्तावेजों, बोर्ड्स, यूनिफॉर्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई देना शुरू हो जाएगा।
भारतीय रेलवे के इस नए बदलाव को देश के परिवहन इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि ये रेलवे के लगातार विस्तार और आधुनिककरण की दिशा में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
ये भी पढ़ें: भारत में लॉन्च हुई नई cancer immunotherapy, सिर्फ 7 मिनट में मिलेगा इलाज



























