भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने असम और केरल के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र (संकल्प-पत्र) जारी कर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ असम में ‘सांस्कृतिक पहचान’ और ‘आर्थिक सशक्तिकरण’ पर जोर है, तो दूसरी तरफ केरल में ‘कल्याणकारी योजनाओं’ के जरिए पैर जमाने की कोशिश की गई है।
1. असम: UCC का हुंकार और महिलाओं पर ‘लक्ष्मी’ की वर्षा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के लिए 31 वादों का पिटारा खोला है। इसमें सबसे बड़ा और विवादास्पद मुद्दा समान नागरिक संहिता (UCC) है।
मुख्य वादे:
* समान नागरिक संहिता (UCC): सरकार बनने के महज तीन महीने के भीतर असम में UCC लागू करने का संकल्प लिया गया है।
* ओरुनोदोई योजना में भारी बढ़ोतरी: महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि को 1250 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा किया गया है।
* लव जिहाद पर कड़ाई: राज्य में ‘लव जिहाद’ के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
* रोजगार और शिक्षा: * दो लाख सरकारी नौकरियों का वादा।
* ‘वन जिला, वन मेडिकल कॉलेज-यूनिवर्सिटी-इंजीनियरिंग कॉलेज’ का मॉडल।
* महिला उद्यमिता: 40 लाख महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता।
विश्लेषण: असम में भाजपा का यह संकल्प-पत्र स्पष्ट रूप से बहुसंख्यक वोटों के ध्रुवीकरण और महिला वोट बैंक को साधने की एक सोची-समझी रणनीति है।
2. केरल: ‘पेंशन और किचन’ के जरिए पैठ बनाने की तैयारी
केरल में, जहां भाजपा पारंपरिक रूप से तीसरे स्थान पर रही है, वहां पार्टी ने ‘सबका साथ-सबका विकास’ की तर्ज पर लोक-लुभावन वादों का सहारा लिया है।
प्रमुख घोषणाएं:
* पेंशन का सुरक्षा कवच: 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और गरीब परिवारों की महिला मुखियाओं के लिए 3,000 रुपये प्रति माह पेंशन।
* रसोई को राहत: राज्य के प्रमुख त्योहारों— ओणम और क्रिसमस के अवसर पर गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा।
* मासिक भत्ता: गरीब महिलाओं के लिए 2,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता।
3. तुलनात्मक दृष्टिकोण: एक नजर में
योजना / वादा असम संकल्प-पत्र केरल संकल्प-पत्र
मुख्य मुद्दा UCC और लव जिहाद पेंशन और सामाजिक सुरक्षा
महिला सहायता 3,000 रु. (ओरुनोदोई) 2,500 रु. (गरीब महिलाओं को)
पेंशन 3,000 रु. (बुजुर्गों/निराश्रितों को)
शिक्षा/स्वास्थ्य हर जिले में मेडिकल/इंजीनियरिंग कॉलेज
अतिरिक्त लाभ 25,000 रु. (40 लाख महिलाओं को) मुफ्त गैस सिलेंडर (त्योहारों पर)
क्या रंग लाएंगे ये वादे?
भाजपा का यह ‘संकल्प-पत्र’ केवल चुनावी वादों की सूची नहीं है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश है। असम में जहां पार्टी अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए हिंदुत्व और विकास के मिश्रण का उपयोग कर रही है, वहीं केरल में वह कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के मजबूत दुर्ग में सेंध लगाने की कोशिश में है।
अब देखना यह है कि असम की जनता UCC और केरल की जनता ‘पेंशन और सिलेंडर’ के वादे पर कितना भरोसा जताती है।
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