इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजी कोच और पूर्व स्टार ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड (Kieron Pollard) एक विवाद में फंस गए हैं। आईपीएल आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। पोलार्ड पर आरोप है कि उन्होंने मैच के दौरान चौथे अंपायर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पोलार्ड ने लीग की आचार संहिता के लेवल-1 नियम का उल्लंघन स्वीकार कर लिया है। इसके बाद उन पर आर्थिक दंड लगाया गया। हालांकि घटना के दौरान क्या बातचीत हुई थी, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है।
मैच के दौरान हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि ये घटना मुंबई इंडियंस के एक मुकाबले के दौरान हुई, जहां किसी फैसले को लेकर पोलार्ड और चौथे अंपायर के बीच बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि पोलार्ड पर अपशब्द कहने का आरोप लगा। मैच अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट आईपीएल प्रबंधन को सौंपी, जिसके बाद जांच के आधार पर कार्रवाई की गई।
आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ से खेल भावना और अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद की जाती है। इसी वजह से लीग प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रवैया अपनाता है।
पोलार्ड ने स्वीकार की गलती
आईपीएल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कीरोन पोलार्ड ने अपने व्यवहार को लेकर गलती स्वीकार की है और मैच रेफरी के फैसले को मान लिया है। लेवल-1 के मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पोलार्ड जैसे अनुभवी खिलाड़ी और कोच से बेहतर व्यवहार की उम्मीद की जाती है, क्योंकि युवा खिलाड़ी भी उनसे प्रेरणा लेते हैं।
मुंबई इंडियंस के लिए अहम सदस्य हैं पोलार्ड
कीरोन पोलार्ड लंबे समय तक मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे हैं और टीम की कई खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वे मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजी कोच के रूप में टीम से जुड़े हुए हैं।
उनकी आक्रामक शैली और मैदान पर जोशीले रवैये के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार उनका गुस्सा उन पर भारी पड़ गया।
IPL में अनुशासन को लेकर सख्ती
आईपीएल में पिछले कुछ सीजन से खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मैदान पर अंपायरों से बहस, अपशब्दों का इस्तेमाल या खेल भावना के खिलाफ व्यवहार करने पर भारी जुर्माना और सस्पेंशन तक की कार्रवाई की जा सकती है।
बीसीसीआई और आईपीएल प्रबंधन का उद्देश्य टूर्नामेंट की पेशेवर छवि बनाए रखना है, ताकि खेल के प्रति सम्मान और अनुशासन कायम रहे।
पोलार्ड पर हुई कार्रवाई के बाद ये साफ संकेत गया है कि आईपीएल में किसी भी खिलाड़ी, कोच या सपोर्ट स्टाफ के लिए नियमों से ऊपर कोई नहीं है।
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