बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और सादगीपूर्ण छवि के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव (Vijendra Prasad Yadav) एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्हें राज्य सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी गई है। दशकों से राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उनकी छवि बेदाग रही है, जिसके चलते उन्हें ‘अजातशत्रु’ नेता के रूप में जाना जाता है।
कौन हैं विजेंद्र प्रसाद यादव?
विजेंद्र प्रसाद यादव (Vijendra Prasad Yadav) बिहार के सुपौल जिले से आने वाले अनुभवी नेता हैं। वे पिछले करीब साढ़े तीन दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं और अब तक एक भी चुनाव नहीं हारे हैं। 1990 में पहली बार जनता दल के टिकट पर विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार नौ बार जीत दर्ज की है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें क्षेत्र में “कोसी के विश्वकर्मा” के नाम से भी जाना जाता है।
राजनीतिक सफर और अहम भूमिकाएं
विजेंद्र यादव ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से की और बाद में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से जुड़े। वे बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, खासकर ऊर्जा विभाग में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
ये माना जाता है कि बिहार में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और गांव-गांव तक रोशनी पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है। उनके कार्यकाल में राज्य ने ढिबरी (लालटेन) के दौर से एलईडी लाइट तक का सफर तय किया।
विकास और कामकाज की पहचान
विजेंद्र यादव की पहचान एक सख्त और कामकाजी नेता के रूप में रही है। कहा जाता है कि वे समयबद्ध तरीके से काम कराने के लिए जाने जाते हैं और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करते। सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्रों में उनके कार्यों की अक्सर सराहना होती रही है। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि चुनाव के दौरान उनका नाम ही काफी होता है।
बेदाग छवि और जनसमर्थन
उनके राजनीतिक जीवन की सबसे खास बात ये है कि अब तक उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। यही वजह है कि वे साफ-सुथरी राजनीति का उदाहरण माने जाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजेंद्र यादव जाति की बजाय समाज के व्यापक हितों की राजनीति करते हैं, जिससे उन्हें हर वर्ग का समर्थन मिलता है।
नीतीश कुमार के करीबी
विजेंद्र यादव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। जब-जब राज्य में उनकी सरकार बनी, विजेंद्र यादव को अहम जिम्मेदारियां दी गईं।
विजेंद्र प्रसाद यादव का राजनीतिक सफर स्थिरता, सादगी और विकास के कामों से भरा रहा है। डिप्टी सीएम बनने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। आने वाले समय में उनसे राज्य के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है।
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