लंदन: ब्रिटेन से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया है। एक महिला को शादी के करीब 20 साल बाद पता चला कि उसका पति गुपचुप तरीके से स्पर्म डोनर के रूप में काम कर रहा था और वो दर्जनों बच्चों का जैविक पिता बन चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला को इस बात की जानकारी तब मिली जब परिवार से जुड़ी कुछ निजी जानकारियां और पुराने दस्तावेज सामने आए। इसके बाद पति की गुप्त जिंदगी का खुलासा हुआ, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
बिना बताए बना दर्जनों बच्चों का पिता
बताया जा रहा है कि आरोपी पति लंबे समय से अलग-अलग महिलाओं को स्पर्म डोनेट कर रहा था। इनमें कुछ महिलाएं ऐसी थीं जो मां बनने में असमर्थ थीं और उन्होंने निजी स्तर पर डोनर की मदद ली थी।
महिला के अनुसार, उसके पति ने कभी भी इस बारे में खुलकर जानकारी नहीं दी। धीरे-धीरे उसे पता चला कि उसका पति कई बच्चों का जैविक पिता है और कुछ परिवार उससे सीधे संपर्क में भी थे।
प्रेग्नेंट महिलाओं को देखने का था अजीब शौक
रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि व्यक्ति को गर्भवती महिलाओं को देखने और उनसे जुड़े अनुभवों में असामान्य रुचि थी। इसी वजह से वह लगातार स्पर्म डोनेशन से जुड़ा रहा। हालांकि, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बहस छिड़ गई है।
कुछ लोगों ने इसे मानसिक और भावनात्मक धोखा बताया, जबकि कुछ का कहना है कि यदि सब कुछ कानूनी तरीके से हुआ है तो यह निजी फैसला हो सकता है।
पत्नी के लिए था बड़ा झटका
महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इतने वर्षों तक वह अपने पति की इस जिंदगी से पूरी तरह अनजान थी। सच सामने आने के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गई। उसने कहा कि शादी में भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होता है और इस तरह का रहस्य किसी भी रिश्ते को कमजोर कर सकता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे “डबल लाइफ” बताया, जबकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या परिवार को बिना बताए इस तरह स्पर्म डोनर बनना सही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्पर्म डोनेशन कई देशों में कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों में पारदर्शिता और सहमति बेहद जरूरी होती है।
रिश्तों में भरोसे की अहमियत
यह मामला एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि शादी और रिश्तों में ईमानदारी और विश्वास कितना जरूरी है। निजी फैसलों का असर सिर्फ व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और भावनात्मक रिश्तों पर भी पड़ता है।
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