NEET 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मई में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के स्तर को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नीट यूजी री-टेस्ट के प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी समीक्षा करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने वाले विशेषज्ञों को एक गुप्त स्थान पर रखा गया है। इन सभी लोगों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी लीक होने की संभावना को समाप्त किया जा सके।
बताया जा रहा है कि ये व्यवस्था किसी “लॉकडाउन” से कम नहीं है। पेपर सेटिंग से जुड़े विशेषज्ञों और ट्रांसलेटर्स को मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य संचार माध्यमों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई है। उनके बाहरी संपर्क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और उन्हें निर्धारित स्थान से बाहर जाने की भी इजाजत नहीं है।
शिक्षा मंत्रालय और एनटीए का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी परीक्षा से पहले बाहर न पहुंचे। इसी वजह से इन विशेषज्ञों को आगामी 21 जून को परीक्षा संपन्न होने तक कड़े आइसोलेशन में रखा जाएगा।
गौरतलब है कि मई 2026 में नीट यूजी परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद ने देशभर में व्यापक चर्चा और चिंता पैदा की थी। इसके बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। ऐसे में सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त व्यवस्था से प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी और परीक्षार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास भी मजबूत होगा। सरकार और एनटीए का कहना है कि निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ये भी पढ़ें: गाजियाबाद में युवक पर ब्लेड से हमला कर लूटा iPhone 16, पीड़ित ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप





















