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जयपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला, सीसीटीवी फुटेज ने खोली साजिश की परतें

जयपुर
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राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मां-बेटी के रिश्ते को झकझोर कर रख दिया। प्रताप नगर इलाके में एक विधवा महिला की सड़क हादसे में हुई मौत की जांच जब आगे बढ़ी तो मामला साधारण हिट-एंड-रन नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या की साजिश उसकी अपनी 23 वर्षीय बेटी ने सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति पाने के लालच में रची थी।

पुलिस के अनुसार, इस पूरी वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए कई महीनों तक योजना बनाई गई थी। लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

सरकारी नौकरी और संपत्ति बना हत्या की वजह

जांच में पता चला कि मृतका नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा का करीब एक वर्ष पहले निधन हो गया था। वे अदालत में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नीरज शर्मा को सरकारी नौकरी मिली थी।

पुलिस का दावा है कि उनकी बेटी आयुषी शर्मा खुद ये नौकरी चाहती थी। इसके अलावा, नीरज शर्मा के नाम पर जयपुर में दो मकान और भरतपुर हाईवे पर कीमती जमीन समेत करोड़ों रुपये की संपत्ति भी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन्हीं कारणों से हत्या की साजिश रची गई।

तीन महीने तक बनाई गई हत्या की योजना

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हत्या की योजना करीब तीन महीने पहले तैयार की गई थी। आरोप है कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर पूरी साजिश रची।

इसके बाद कथित तौर पर 7 लाख रुपये में एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को हत्या की सुपारी दी गई। इस काम को अंजाम देने के लिए कई अन्य लोगों को भी शामिल किया गया।

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से कुचलकर की गई हत्या

घटना 3 जुलाई 2026 की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर पैदल घर लौट रही थीं। इसी दौरान पहले से तय योजना के तहत तेज रफ्तार सफेद स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

बताया जा रहा है कि वाहन की रफ्तार लगभग 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी वाहन को दूसरी जगह छोड़कर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि वाहन की पहचान छिपाने के लिए उसकी नंबर प्लेट को भी ढकने की कोशिश की गई थी।

सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा राज

शुरुआत में पुलिस इस मामले को सामान्य सड़क दुर्घटना मान रही थी। लेकिन मृतका के भाई ने संपत्ति विवाद और परिवार के कुछ सदस्यों पर संदेह जताते हुए शिकायत दर्ज कराई।

इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि जिस तरह वाहन ने महिला को टक्कर मारी, वह सामान्य दुर्घटना जैसा नहीं था। पुलिस के अनुसार, एक अन्य फुटेज में वही वाहन पहले इलाके में महिला की गतिविधियों पर नजर रखता भी दिखाई दिया। इसके बाद हत्या की आशंका मजबूत हो गई।

कई आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बेटी आयुषी शर्मा समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में कथित साजिशकर्ता, वाहन चालक और वारदात में शामिल अन्य लोग भी शामिल हैं।

हालांकि, पुलिस के अनुसार इस मामले का एक अन्य आरोपी और आयुषी का चचेरा भाई बलराम उर्फ रवि अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच

जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि हत्या की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा आर्थिक लाभ के उद्देश्य से इस अपराध को किस तरह अंजाम दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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