नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, 288 भारतीयों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि करीब 200 भारतीयों ने चीन के तिब्बत क्षेत्र में मदद मांगी है। राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
21 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
कई भारतीय समूह अब भी लापता
संपर्क से बाहर लोगों में त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले 73 लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के दो समूहों समेत पश्चिम बंगाल, केरल और अन्य राज्यों के कई यात्री भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे बताए जा रहे हैं। ईशा फाउंडेशन से जुड़े एक समूह से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
नेपाल में 270 लोगों की मौत
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है, जबकि 800 से अधिक लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला गया है। हजारों लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है।
भारत ने राहत का भरोसा दिया
प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया है। भारतीय अधिकारी नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भी भेजी गई है।
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