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UPI पर चार्ज लगाने के पक्ष में आई BharatPe, कंपनी के फाउंडर अश्नीर ग्रोवर ने किया विरोध

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UPI पेमेंट पर नए Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क को लेकर बहस तेज है। इसी बीच फिनटेक कंपनी BharatPe ने नए MDR फ्रेमवर्क का समर्थन किया है। कंपनी के CEO नलिन नेगी के मुताबिक, इस व्यवस्था से डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

नए नियमों के तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा। वहीं, Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96% P2M ट्रांजैक्शन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। छोटे व्यापारियों के लिए Zero-MDR व्यवस्था भी जारी रहेगी।

BharatPe ने क्या कहा?

BharatPe CEO नलिन नेगी ने कहा कि नया MDR फ्रेमवर्क ग्राहकों के लिए UPI को फ्री बनाए रखते हुए पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद करेगा। कंपनी के अनुसार, इससे छोटे और माइक्रो मर्चेंट्स को भी सुरक्षा मिलेगी और डिजिटल पेमेंट के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।

सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI द्वारा सीधे वसूला जाने वाला शुल्क नहीं माना गया है। यह पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल संस्थाओं के बीच वितरित होने वाला शुल्क है।

अश्नीर ग्रोवर ने जताई असहमति

BharatPe के पूर्व को-फाउंडर और CEO अश्नीर ग्रोवर ने नए UPI शुल्क व्यवस्था की आलोचना की है। उनका कहना है कि अगर मर्चेंट पर लागत बढ़ती है तो उसका असर आगे चलकर ग्राहकों पर पड़ सकता है। यह उनका व्यक्तिगत मत है और BharatPe की आधिकारिक स्थिति नहीं है।

BharatPe की सफाई

BharatPe ने स्पष्ट किया है कि अश्नीर ग्रोवर का 2024 से कंपनी के साथ कोई संबंध नहीं है और वे न तो कंपनी के शेयरहोल्डर हैं और न ही किसी पद पर हैं। इसलिए उनके बयानों को BharatPe की राय के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। कंपनी की ओर से MDR और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े विचार मौजूदा नेतृत्व और अधिकृत प्रवक्ताओं द्वारा ही रखे जाते हैं।

नए MDR फ्रेमवर्क के तहत UPI से व्यक्तिगत भुगतान और छोटे मूल्य के अधिकांश मर्चेंट ट्रांजैक्शन फ्री बने रहेंगे, जबकि निर्धारित श्रेणी के बड़े P2M ट्रांजैक्शन पर शुल्क लागू होगा।

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