भारतीय रेलवे अपनी आधुनिक ट्रेनों को और तेज, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में अब Vande Bharat Express ट्रेनों में एल्युमीनियम से बने कोच लगाने की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव के साथ न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि उनके संचालन और रखरखाव में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एल्युमीनियम कोच पारंपरिक स्टील और लोहे के कोच की तुलना में काफी हल्के होते हैं। हल्के होने के कारण ट्रेन की गति बढ़ाना आसान हो जाता है, जिससे यात्रा समय कम हो सकता है। इसके साथ ही ये कोच अधिक टिकाऊ होते हैं और इनकी उम्र भी ज्यादा होती है, जिससे लंबे समय में रखरखाव का खर्च भी कम आता है।
भारत में अब तक अधिकतर ट्रेन कोच स्टेनलेस स्टील या लोहे से बनाए जाते रहे हैं, लेकिन अब अमेरिका, जापान, चीन और फ्रांस जैसे देशों की तर्ज पर एल्युमीनियम कोच अपनाने की दिशा में काम हो रहा है। खास बात ये है कि एक्सट्रूजन तकनीक से तैयार किए जाने वाले एल्युमीनियम अलॉय कोच आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए बेहद उपयुक्त माने जाते हैं।
ये तकनीक पहले से ही सेमी हाई स्पीड और हाई स्पीड ट्रेनों में इस्तेमाल हो रही है। उदाहरण के तौर पर, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में जापान की शिनकानसेन ट्रेन भी एल्युमीनियम बॉडी पर आधारित होगी। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे भी अपनी ट्रेनों को अपग्रेड करने की योजना बना रहा है।
इन नए कोचों के निर्माण के लिए रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) समेत अन्य रेलवे फैक्ट्रियों में भी योजना पर काम चल रहा है। रेलवे विदेशी तकनीक के साथ सहयोग कर देश में ही एल्युमीनियम कोच तैयार करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि पहला एल्युमीनियम कोच यात्रियों के लिए कब तक उपलब्ध होगा, लेकिन परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके साथ ही भारतीय रेलवे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रहा है। वर्तमान में वंदे भारत ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन अब 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली नई सेमी हाई स्पीड ट्रेन तैयार करने की योजना है। इन ट्रेनों की ऑपरेशनल स्पीड लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का लक्ष्य है।
शुरुआत में ऐसी दो नई ट्रेनों के निर्माण का प्रस्ताव है, जिसके लिए चेन्नई स्थित रेल कोच फैक्ट्री को जिम्मेदारी दी गई है। ये कदम भारतीय रेलवे को वैश्विक स्तर पर आधुनिक और तेज रेल नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, Vande Bharat Express में एल्युमीनियम कोच का इस्तेमाल भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा तकनीकी बदलाव होगा, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
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