महाराष्ट्र

दैवीय शक्तियों’ के नाम पर दरिंदगी का अंत: SIT चीफ तेजस्वी सातपुते का अशोक खरात पर बड़ा प्रहार; 4850 लिंक डिलीट, 8 यौन शोषण समेत 11 मामलों की जांच तेज

अशोक खरात

महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर में ‘गुरु’ के नाम पर महिलाओं का शोषण करने वाले कथित ज्योतिषी अशोक खरातके खिलाफ कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (SIT)की प्रमुख **तेजस्वी सातपुते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आरोपी के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है।

अंधविश्वास, यौन शोषण और धोखाधड़ी के इस मकड़जाल को तोड़ने के लिए अब SIT के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED)जैसी एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

SIT का ‘एक्शन प्लान’: 24 सदस्य और 11 मामले
SIT प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने स्पष्ट किया कि पुलिस महानिदेशक के आदेश पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान SIT को सौंपी गई है। जांच का दायरा काफी विस्तृत है:

जांच टीम: कुल 24 सदस्यों की विशेष टीम दिन-रात सबूत जुटाने में लगी है।
मामलों का ब्योरा:अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्यानगर में कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें से 9 मामलों की जांच SITकर रही है, जबकि शेष मामले स्थानीय पुलिस के पास हैं।
गंभीर आरोप: कुल 11 मामलों में से 8 मामले महिलाओं के साथ लैंगिक अत्याचार (यौन शोषण)से जुड़े हैं, जबकि अन्य मामले वित्तीय धोखाधड़ी के हैं।

अंधविश्वास का हथियार: इमली के बीज और पत्थर से ‘दैवीय उपाय’
जांच में खुलासा हुआ है कि खरात खुद को दैवीय शक्तियों का स्वामी बताकर भोली-भाली महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। वह इमली के बीज और साधारण पत्थरों को ‘चमत्कारी’ बताकर बेचता था और उनसे भारी रकम वसूलता था।

महिलाओं की आस्था का लाभ उठाकर वह उन्हें डराता था और ‘दैवीय उपाय’ के नाम पर उनका शारीरिक शोषण करता था।
बदनामी के डर से कई पीड़िताएं वर्षों तक खामोश रहीं, लेकिन अब SIT की सुरक्षा और आश्वासन के बाद वे खुलकर सामने आ रही हैं।

डिजिटल क्लीन-अप: 4850 लिंक और 451 अकाउंट्स पर प्रहार
आरोपी सोशल मीडिया का उपयोग अपना प्रभाव बढ़ाने और पीड़ितों को फंसाने के लिए करता था। SIT ने इस पर बड़ी साइबर कार्रवाई की है:
4850 आपत्तिजनक लिंकइंटरनेट से हटा दिए गए हैं।
451 सोशल मीडिया अकाउंट्स को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है।
SIT साइबर फॉरेंसिक और CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड)*के जरिए उन संपर्कों की भी जांच कर रही है जो खरात के मददगार हो सकते हैं।

60 दिन का लक्ष्य: चार्जशीट और कस्टडी की तैयारी
SIT चीफ ने बताया कि कानून के मुताबिक घटना के 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है।
जांच के 20 दिन पूरे हो चुके हैं और अगले 40 दिनों में पुख्ता सबूतों के साथ अदालत में आरोप पत्र पेश किया जाएगा।
अशोक खरात को दो बार पुलिस कस्टडी मिल चुकी है। अब नए मामलों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर SIT उसकी तीसरी बार कस्टडी मांगने की तैयारी में है।

आर्थिक साम्राज्य पर ED की नजर
अशोक खरात ने ज्योतिष और अंधविश्वास के नाम पर जो संपत्ति अर्जित की है, अब वह केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर है।
ED (प्रवर्तन निदेशालय)ने मामले का संज्ञान लिया है और SIT से जानकारी मांगी है।
मनी लॉन्ड्रिंग और बेहिसाब संपत्ति के कोण से भी जांच की जा रही है।
SIT ने स्पष्ट किया है कि जांच में अभी तक किसी नाबालिग पीड़ित की पुष्टि नहीं हुई है।

 

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न्याय की ओर बढ़ते कदम
तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में SIT ने महज 17 दिनों में जो सक्रियता दिखाई है, उसने ढोंगी बाबाओं के गिरोह में खौफ पैदा कर दिया है। यह कार्रवाई न केवल अशोक खरात को सलाखों के पीछे भेजने के लिए है, बल्कि उन पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की एक बड़ी कोशिश है जो वर्षों से डर के साये में जी रही थीं।

आस्था जब अंधविश्वास बन जाए, तो शोषण का रास्ता खुल जाता है। SIT का यह प्रहार उसी रास्ते को बंद करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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