महाराष्ट्र

नासिक के सप्तश्रृंगीगढ़ में चला स्वच्छता अभियान, साधु-संतों और पूर्व सैनिकों ने उठाया बड़ा कदम

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नासिक के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सप्तश्रृंगीगढ़ में स्वच्छता को लेकर एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां साधु-संतों, अग्निवीरों, पूर्व सैनिकों और छात्रों ने मिलकर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व स्वामी संविदानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें वेंकटेश्वर ग्रुप के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस स्वच्छता अभियान में हजारों की संख्या में अग्निवीर और पूर्व सैनिक शामिल हुए, जिन्होंने पूरे सप्तश्रृंगीगढ़ क्षेत्र पहाड़, जंगल, जमीन और तालाबों की साफ-सफाई का जिम्मा उठाया। पूर्व सैनिक शिवाजीराव डोले के निर्देशन में ये अभियान बड़े स्तर पर संचालित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छता का सकारात्मक संदेश फैलाया गया।

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अभियान के दौरान साधु-संत भी हाथों में झाड़ू लेकर सफाई करते नजर आए, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक दृश्य था। स्वामी संविदानंद सरस्वती ने इस अवसर पर कहा कि साधु-संतों का दायित्व केवल धर्म का मार्गदर्शन करना ही नहीं है, बल्कि समाज में फैली गंदगी को दूर करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने ये भी बताया कि प्राचीन काल से ही संत समाज को स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश देते आए हैं।

वेंकटेश्वर ग्रुप के प्रमुख शिवाजी डोले ने कहा कि ये अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन से प्रेरित है। उनका उद्देश्य इस पहल को जन-जन तक पहुंचाना और पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वेंकटेश्वर ग्रुप इस दिशा में लगातार काम करता रहेगा और समाज को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए अपना योगदान देता रहेगा।

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ये अभियान न केवल धार्मिक स्थल की सफाई तक सीमित रहा, बल्कि इसने समाज में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का मजबूत संदेश भी दिया।

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