GRP vs RPF: जब भी भारतीय रेलवे में सुरक्षा की बात आती है, जीआरपी (GRP – Government Railway Police) और आरपीएफ (RPF – Railway Protection Force) के नाम सामने आते हैं। अक्सर यात्री सफर के दौरान इन दोनों को ट्रेन या स्टेशन पर देखते हैं, लेकिन इन दोनों में क्या अंतर है, यह सवाल बहुतों के मन में उठता है। आइए सरल भाषा में इन दोनों के बीच का फर्क समझते हैं।
GRP vs RPF: आरपीएफ (RPF) क्या है?
आरपीएफ का पूरा नाम रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (Railway Protection Force) है। यह फोर्स केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, और इसका संचालन रेलवे मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
आरपीएफ का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे की संपत्तियों और रेल यात्रियों की सुरक्षा करना है। 2003 में हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स एक्ट के संशोधन के बाद आरपीएफ को कुछ अतिरिक्त अधिकार मिले। इसके तहत आरपीएफ एफआईआर दर्ज कर सकती है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, इसके अधिकार जीआरपी की तुलना में सीमित होते हैं। आरपीएफ केवल रेलवे की संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित रहती है।
मुख्य कार्य:
- रेलवे की संपत्तियों की सुरक्षा।
- ट्रेनों में यात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्रदान करना।
- अपराधियों को पकड़ने में सहयोग करना।
GRP vs RPF: जीआरपी (GRP) क्या है?
जीआरपी यानी गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (Government Railway Police) राज्य सरकार के अंतर्गत आती है। यह फोर्स राज्य पुलिस का हिस्सा होती है और भारतीय रेलवे की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है।
जीआरपी का काम रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाले अपराधों जैसे चोरी, लूटपाट, हत्या, जहरखुरानी आदि की जांच करना है। जीआरपी के पास एफआईआर दर्ज करने और आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार होता है। रेलवे स्टेशन के एक किलोमीटर के दायरे में होने वाले अपराधों को भी जीआरपी ही देखती है।
मुख्य कार्य:
- ट्रेनों और स्टेशनों पर कानून व्यवस्था बनाए रखना।
- अपराधों की जांच और मुकदमा दर्ज करना।
- यात्री सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
GRP और RPF में अंतर
अब सवाल उठता है कि दोनों में अंतर क्या है?
- कानूनी अधिकार:
जीआरपी के पास एफआईआर दर्ज करने और आरोपी को अदालत में पेश करने का पूरा अधिकार होता है। वहीं, आरपीएफ केवल रेलवे की संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित रहती है। - अधीनता:
आरपीएफ केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, जबकि जीआरपी राज्य सरकार के अधीन होती है। - कार्य का दायरा:
जीआरपी ट्रेनों और स्टेशनों पर होने वाले अपराधों की जांच करती है, जबकि आरपीएफ रेलवे की संपत्ति और यात्री सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होती है।
यात्रियों के लिए क्या है ज़रूरी?
यदि आप ट्रेन या स्टेशन पर किसी समस्या का सामना करते हैं, तो आपको जीआरपी या आरपीएफ से संपर्क करना चाहिए। जीआरपी से संपर्क करना तब आवश्यक होता है जब मामला कानून-व्यवस्था से जुड़ा हो, जैसे चोरी या अन्य अपराध। वहीं, अगर रेलवे संपत्ति से जुड़ी कोई समस्या है, तो आरपीएफ से मदद ली जा सकती है।
#IndianRailways #RailwayPolice #GRPvsRPF #TravelSafety #RailwaySecurity
ये भी पढ़ें: Liquor Drinking License: न्यू ईयर में शराब पीने के लिए भी बनता है लाइसेंस? जानिए क्या होता है इससे फायदा




























