खांसी और जुकाम होने पर अक्सर घरों में सलाह दी जाती है कि केला नहीं खाना चाहिए। कहा जाता है कि केला “ठंडी तासीर” का होता है और इससे बलगम बढ़ सकता है। लेकिन क्या मेडिकल साइंस भी इस बात से सहमत है? क्या सच में सर्दी-जुकाम के दौरान केला नुकसान करता है? आइए एलोपैथी और आयुर्वेद विशेषज्ञों की राय के आधार पर इस विषय को विस्तार से समझते हैं।
एलोपैथी क्या कहती है?
डॉकिटरों की मानें तो, केला एक पोषक फल है जिसमें विटामिन बी6 और पोटैशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है। मेडिकल साइंस में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि केला खाने से सर्दी-जुकाम होता है या ये समस्या बढ़ती है।
हालांकि, डॉक्टरों का ये भी कहना है कि जिन लोगों को पहले से अधिक बलगम (म्यूकस) बनने की समस्या है, उन्हें केला खाने के बाद बलगम थोड़ा बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है। लेकिन ये सीधे तौर पर खांसी या जुकाम को बढ़ाने का कारण नहीं माना जाता।
इसके अलावा, जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें भी केले का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।
आयुर्वेद का दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार, केले को “कफ बढ़ाने वाला” फल माना जाता है। इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों की शरीर की तासीर ठंडी होती है या जिन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है, उनमें केला कफ बढ़ा सकता है। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में केले का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, सामान्य तासीर वाले व्यक्ति यदि संतुलित मात्रा में केला खाते हैं तो इससे खांसी-जुकाम होने या बढ़ने का कोई निश्चित प्रमाण नहीं है।
किन लोगों को केला खाने से परहेज करना चाहिए?
कुछ स्थितियों में केले का सेवन सीमित या टालना बेहतर हो सकता है:
जिन्हें अधिक बलगम बनने की समस्या रहती है
एलर्जिक राइनाइटिस (बार-बार छींक और नाक बहना) से पीड़ित मरीज
गले में संक्रमण या टॉन्सिल की समस्या वाले लोग
जिनकी शरीर की तासीर अत्यधिक ठंडी है
ऐसे लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
केला खाने के फायदे
केला पोषण से भरपूर फल है और इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं:
शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है
पोटैशियम से भरपूर, जो हृदय और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है
विटामिन बी6 का अच्छा स्रोत
फाइबर की मात्रा, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करती है
खांसी-जुकाम में केला पूरी तरह से प्रतिबंधित फल नहीं है। एलोपैथी के अनुसार, इसका सीधा संबंध सर्दी-जुकाम बढ़ाने से नहीं है। वहीं आयुर्वेद इसे कफ बढ़ाने वाला मानता है, खासकर उन लोगों में जिनकी तासीर ठंडी है।
इसलिए यदि आपको खांसी-जुकाम है और आप केला खाना चाहते हैं, तो अपनी शारीरिक स्थिति और लक्षणों को ध्यान में रखें। गंभीर समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।































