बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक नई योजना तैयार की है। अब घरों, होटलों, मैरिज हॉल, एग्ज़िबिशन सेंटर, कॉफी शॉप, ढाबा, गेस्ट हाउस, बैंक, कोचिंग क्लासेस, क्लिनिक, डिस्पेंसरी, कोल्ड स्टोरेज और फेस्टिवल हॉल सहित विभिन्न रेज़िडेंशियल और कमर्शियल संस्थानों से कचरा शुल्क वसूला जाएगा। बीएमसी ने इस पहल के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें कचरा शुल्क के अलावा गंदगी फैलाने पर जुर्माने की राशि बढ़ाने का भी प्रावधान है। इस पर नागरिकों से 1 अप्रैल से 31 मई 2025 तक राय मांगी गई है।
बीएमसी को इस योजना से हर साल करीब 687 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में मुंबई में प्रति व्यक्ति कचरा सफाई पर सालाना 3,141 रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक है। यदि ये कानून लागू होता है, तो मुंबईकरों को अपने मकानों और व्यवसायों के अनुसार कचरा शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
कितना होगा कचरा शुल्क?
बीएमसी द्वारा प्रस्तावित कचरा शुल्क अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। छोटे घरों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक, हर किसी को मासिक शुल्क देना होगा।
50 वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल वाले घरों को 100 रुपये, 50 से 300 वर्ग मीटर तक के घरों को 500 रुपये और 300 वर्ग मीटर से बड़े घरों को 1000 रुपये शुल्क देना होगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों के लिए यह शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि गेस्ट हाउस को 2000 रुपये और हॉस्टल को 750 रुपये देने होंगे।
होटल-रेस्टोरेंट के लिए यह शुल्क उनकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होगा। अतारांकित होटलों को 1500 रुपये, तीन सितारा होटलों को 2500 रुपये और तीन सितारा से अधिक श्रेणी के होटलों को 7500 रुपये का मासिक शुल्क देना होगा।
कमर्शियल ऑफिस, सरकारी ऑफिस, बैंक, बीमा कंपनियां, कोचिंग क्लासेस और शिक्षा संस्थानों को 750 रुपये प्रतिमाह देने होंगे। वहीं, 50 बेड तक के क्लीनिक और डिस्पेंसरी के लिए 2000 रुपये तथा 50 बेड से अधिक वाले क्लीनिक के लिए 4000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। लैब के मामले में, 50 वर्ग मीटर तक की लैब के लिए 2500 रुपये और इससे बड़ी लैब के लिए 5000 रुपये निर्धारित किया गया है।
लघु एवं कुटीर उद्योग कार्यशालाएं, जो प्रतिदिन 10 किलोग्राम तक कचरा उत्पन्न करती हैं, उन्हें 1500 रुपये देने होंगे। गोदाम और कोल्ड स्टोरेज के लिए यह शुल्क 2500 रुपये होगा। मैरिज हॉल, फेस्टिवल हॉल, प्रदर्शनी केंद्र और मेलों के लिए 3000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में 5000 रुपये और 3000 वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्रों के लिए 7500 रुपये शुल्क लागू होगा।
नागरिकों से राय मांगी गई
बीएमसी ने इस ड्राफ्ट को जारी कर नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। 1 अप्रैल से 31 मई 2025 तक नागरिक अपनी राय प्रस्तुत कर सकते हैं। यह योजना लागू होने के बाद, मुंबई के निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मासिक रूप से कचरा शुल्क चुकाना अनिवार्य होगा।
क्या होगा इस योजना का असर?
यदि यह कानून लागू होता है, तो बीएमसी को कचरा प्रबंधन में हर साल मिलने वाली आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी होगी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। साथ ही, गंदगी फैलाने वालों पर लगने वाले जुर्माने में भी इजाफा होगा, जिससे मुंबई को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
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