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वक्फ संशोधन बिल पर बवाल: अबू आजमी ने कहा – ‘जहर देकर मार दो हमें’

अबू आजमी
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आज, 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जा रहा है। इस बिल को लेकर देश के राजनेता दो धड़ों में बंट गए हैं। जहां एक तरफ कुछ लोग इसे समर्थन दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसका जमकर विरोध भी हो रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने एक बड़ा और विवादास्पद बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस ब्लॉग में हम आपको इस बिल और अबू आजमी के बयान से जुड़ी हर जानकारी आसान भाषा में देंगे।

अबू आजमी का चौंकाने वाला बयान
अबू आजमी ने वक्फ संशोधन बिल के समर्थन और विरोध को लेकर मुस्लिम समुदाय को दो हिस्सों में बांट दिया। उन्होंने कहा, “जो वक्फ संशोधन बिल का साथ दे रहे हैं, वो नकली मुसलमान हैं। असली मुसलमान इस बिल के खिलाफ खड़ा है।” उनका कहना है कि वक्फ की जमीन अल्लाह के नाम पर है और ये दुनिया के रहने तक ऐसी ही रहेगी। अगर इसमें कोई कमी है, तो उसे सुधारना चाहिए, न कि पूरे कानून को ही बदल देना चाहिए।

बीजेपी पर अबू आजमी का हमला
अबू आजमी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जिनके हाथ में सरकार है, उनकी आदत है मुसलमानों को बेइज्जत करना, तबाह करना और खत्म कर देना।” उनका आरोप है कि सरकार पहले CAA-NRC जैसे मुद्दे लाई और अब वक्फ संशोधन बिल के जरिए मुस्लिम समुदाय को परेशान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “वे रास्ते में हमारे लिए कंकड़ और दूसरों के लिए फूल बिछाते हैं।”

“जहर देकर मार दो हमको”
अपने गुस्से को जाहिर करते हुए अबू आजमी ने सरकार पर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा, “हम क्या करें, मुल्क छोड़ दें? जहर देकर मार दो हमको।” उनका दावा है कि सरकार ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना चाहती है ताकि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जा सके। ये बयान उनकी नाराजगी और विरोध की तीव्रता को दर्शाता है।

“वक्फ संशोधन बर्दाश्त नहीं करेंगे”
अबू आजमी ने साफ शब्दों में कहा कि मुस्लिम समुदाय वक्फ संशोधन को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “जब तक मुस्लिम पर्सनल बोर्ड इस बिल को नहीं मानेगा, देश का कोई मुसलमान इसे नहीं मानेगा।” उनका कहना है कि सरकार भले ही मैंडेट ले आए, लेकिन वे इसका हिस्सा नहीं बनेंगे। वे अपनी जमात से बात करेंगे और हर संभव कदम उठाएंगे।

उद्धव ठाकरे से अपील
अबू आजमी ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे और NDA के सेक्युलर लोग इस बिल को पास न होने दें।” उनका मानना है कि सेक्युलर नेताओं को इस बिल के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

वक्फ संशोधन बिल क्या है?
वक्फ संशोधन बिल में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियमों में बदलाव की बात की जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन विरोध करने वाले इसे धार्मिक मामलों में दखलंदाजी मानते हैं। इस बिल को लेकर बहस अभी जारी है और आने वाले दिनों में ये और तेज होने की संभावना है।

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