Organ Trafficking: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राज्य प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। एक गरीब किसान को कर्ज के जाल में फंसाकर, उसे विदेश ले जाकर उसकी किडनी बिकवाने का सनसनीखेज मामला विधानसभा में गूंजा। गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर ने सदन को आश्वस्त किया कि इस “मानव अंग तस्करी रैकेट” की जड़ें खोदने के लिए सरकार मौजूदा कानूनों को और अधिक सख्त बनाएगी।
साहूकारी का खूनी खेल: 9 लाख का कर्ज, 48 लाख की वसूली
यह मामला चंद्रपुर की नागभीड तहसील के मिथूर गांव का है। घटना की भयावहता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
- कर्ज की रकम: पीड़ित किसान ने 6 साहूकारों से कुल 9.15 लाख रुपये उधार लिए थे।
- वसूली का टॉर्चर: ऊंचे ब्याज के चलते किसान अब तक 48.53 लाख रुपये नकद और एक एकड़ जमीन साहूकारों को सौंप चुका था।
- अंतिम प्रहार: इतनी वसूली के बाद भी साहूकारों का मन नहीं भरा। उन्होंने कर्ज चुकाने के नाम पर किसान को नौकरी का झांसा दिया और कंबोडिया ले गए। वहां किसान को अपनी किडनी 8 लाख रुपये में बेचनी पड़ी, जिसमें से 6 लाख रुपये फिर उन्हीं साहूकारों की जेब में चले गए।
इंटरनेशनल रैकेट: दिल्ली से कंबोडिया तक फैले तार
विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भाजपा सदस्य अतुल भातखलकर और कांग्रेस सदस्य विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं:
- SIT जांच: गृह राज्य मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी गई है। अब तक 11 आरोपियों में से 8 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- पद्मश्री डॉक्टर का नाम: विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इस रैकेट में दिल्ली के एक पद्मश्री सम्मानित डॉक्टर का नाम भी जुड़ा है, जो जांच का विषय है।
- 9 अन्य शिकार: सोलापुर के एक एजेंट के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि पीड़ित किसान के अलावा 9 अन्य लोगों की किडनी भी कंबोडिया और तमिलनाडु में बेची गई है। इस रैकेट के तार पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु तक फैले हैं।
सदन की मांग: मकोका और सख्त कानून
अतुल भातखलकर ने मांग की कि इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपियों और साहूकारों पर मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाए। सदस्यों की भावनाओं को देखते हुए गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने घोषणा की कि सरकार अवैध साहूकारी और मानव तस्करी के खिलाफ मौजूदा कानूनों की समीक्षा कर रही है और जल्द ही एक नया, अधिक कड़ा कानून पेश किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- गिरफ्तारी: 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
- नेटवर्क: महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु और कंबोडिया।
- सरकारी एक्शन: SIT जांच जारी, मकोका लगाने पर विचार।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण इलाकों में अवैध साहूकारी आज भी किस कदर जड़ों तक फैली हुई है।































