पूर्णेकर हत्याकांड मामला: ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। हत्या के मामले में पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिवार और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। करीब सात घंटे तक चले धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने घोड़बंदर रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान टायर जलाकर भी विरोध जताया गया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और यातायात प्रभावित हुआ।
क्या है प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड?
प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े स्थानीय नेता थे। 29 सितंबर 2026 को ठाणे के मनोरमानगर इलाके में स्थित उनके कार्यालय में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कार्रवाई की।
हत्या के बाद से ही पूर्णेकर का परिवार मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार ने पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मीनाक्षी शिंदे ने इस मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।
बेटे को हिरासत में लेने के बाद बढ़ा विवाद
अपने पिता की हत्या के मामले में न्याय की मांग करते हुए राम पूर्णेकर ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित आवास की ओर जाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर नौपाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचाया।
इस कार्रवाई के बाद मृतक के परिजन और समर्थक पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। उन्होंने लंबे समय तक धरना दिया और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हत्या के मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने घोड़बंदर रोड पर पहुंचकर यातायात बाधित किया। टायर जलाकर विरोध जताने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बाद में पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य होने की खबर सामने आई।
मीनाक्षी शिंदे और उनके पति पर क्या हैं आरोप?
पूर्णेकर परिवार ने मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि उसने जांच एजेंसियों के सामने कुछ साक्ष्य भी रखे हैं। दूसरी ओर, मीनाक्षी शिंदे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान राजेंद्र शिंदे से पूछताछ की गई, जबकि मीनाक्षी शिंदे से भी कई घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।
फिलहाल, किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
पूर्णेकर हत्याकांड को लेकर ठाणे में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस प्रकरण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी सामने आई है।
महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने 28 अक्टूबर को अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक मीनाक्षी शिंदे को नैतिक आधार पर अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उनका निजी मत है।
अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। सात घंटे के धरने और हाईवे जाम की घटना ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि SIT की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।
फिलहाल, परिवार की मांग गिरफ्तारी और न्याय को लेकर है, जबकि मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।
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