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NCP Politics: अजित पवार की विरासत अब ‘सुनेत्रा’ के हाथ; NCP (अजित) की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं, पार्थ पवार जाएंगे राज्यसभा

NCP Politics
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NCP Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के लिए गुरुवार का दिन एक नए युग की शुरुआत लेकर आया। पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से उपजे शून्य को भरने के लिए, वरली में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में न केवल नेतृत्व परिवर्तन हुआ, बल्कि पार्टी की भविष्य की रणनीति और परिवार की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर भी मुहर लगाई गई।

वरली अधिवेशन: एकजुटता का संदेश
अधिवेशन की शुरुआत में ही कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। पार्टी के प्रति उनके समर्पण और ‘दादा’ (अजित पवार) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के अनुभव को देखते हुए, देशभर से आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।

संगठनात्मक नियुक्तियां:

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष: सुनेत्रा पवार
  • कार्यकारी अध्यक्ष: प्रफुल्ल पटेल (पुनः चयन)
  • महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष: सुनील तटकरे (पुनः चयन)

पार्थ पवार की राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री
अधिवेशन का एक और बड़ा आकर्षण पार्थ पवार को लेकर लिया गया फैसला रहा। पार्टी ने खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए पार्थ पवार के नाम पर मुहर लगा दी है। यह कदम स्पष्ट करता है कि पार्टी अब युवाओं को नेतृत्व सौंपने और दिल्ली की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बढ़ रही है।

“अजितदादा की आत्मीयता से बढ़ाऊंगी परिवार को आगे”
अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद सुनेत्रा पवार भावुक नजर आईं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने संकल्प को दोहराया, “महाराष्ट्र का कल्याण, जनता की भलाई और राकांपा (अजित) की विचारधारा को आगे बढ़ाना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है। अजितदादा ने जिस आत्मीयता और अपनत्व से इस राजनीतिक परिवार को संभाला था, मैं उसी भावना और संवेदनशीलता के साथ इसे आगे ले जाऊंगी।”

दिग्गजों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर पार्टी की पूरी ताकत मंच पर नजर आई। वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल, दिलीप वलसे-पाटील, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे सहित पार्टी के सभी मंत्री, विधायक और देशभर से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी न केवल एकजुट रहेगी, बल्कि आगामी चुनावों में अजित पवार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएगी।

अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के भविष्य पर जो सवालिया निशान थे, उन्हें इस अधिवेशन ने काफी हद तक साफ कर दिया है। ‘पवार बनाम पवार’ की इस राजनीतिक बिसात पर अब सुनेत्रा पवार के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है।

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