जैसलमेर में आध्यात्मिक महाकुंभ: राजस्थान की रेतीली धरा पर आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ने जा रहा है, जिसकी गूँज सात समंदर पार तक सुनाई देगी। जैसलमेर में 6 से 8 मार्च तक आयोजित होने वाले ‘चादर महोत्सव’ और ‘दादागुरु इकतीसा पाठ’ ने वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक हलचल पैदा कर दी है। इस त्रिविध आयोजन में श्रद्धा, शक्ति और संगठन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत करेंगे शुभारंभ
इस भव्य महोत्सव का विधिवत शुभारंभ शुक्रवार (6 मार्च) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन ‘दादा गुरुदेव जिनदत्तसुरि चादर महोत्सव समिति’ के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद, विद्या भारती और हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान जैसी बड़ी संस्थाएं कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रही हैं।
7 मार्च: एक साथ 1 करोड़ 8 लाख कंठों से गूंजेगा ‘इकतीसा’
इस महोत्सव का सबसे मुख्य आकर्षण शनिवार, 7 मार्च को होने वाला सामूहिक पाठ है। समिति के चेयरमैन और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘आध्यात्मिक जागरण का महाअभियान’ है।
- विश्व रिकॉर्ड की तैयारी: दुनिया भर के विभिन्न नगरों से एक साथ 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालु दादागुरु इकतीसा का पाठ करेंगे।
- उद्देश्य: इस सामूहिक पाठ के जरिए विश्वभर में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना की एक अखंड तरंग उत्पन्न करना है।
871 वर्ष बाद ऐतिहासिक अभिषेक
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता 871 वर्ष बाद पहली बार होने वाला दादागुरु का विधिवत अभिषेक है। यह दुर्लभ क्षण गच्छाधिपति आचार्य मणिप्रभ सूरी की पावन निश्रा में संपन्न होगा। इस विराट संकल्प के पीछे आचार्य जिन मनोज्ञ सागर की प्रेरणा है, जिन्होंने इस आयोजन को एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन का स्वरूप दिया है।
व्यवस्थाओं की कमान और प्रमुख सहभागी
महोत्सव को सफल बनाने के लिए जीतो (JITO) के पूर्व चेयरमैन और कार्यक्रम संयोजक तेजराज गोलेछा के नेतृत्व में एक विशाल टीम जुटी हुई है। जैसलमेर को दुल्हन की तरह सजाया गया है और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
| भूमिका / पद | नाम |
|---|---|
| प्रेरणास्रोत | आचार्य जिन मनोज्ञ सागर |
| निश्रा | आचार्य मणिप्रभ सूरी |
| मुख्य अतिथि | डॉ. मोहन भागवत (RSS प्रमुख) |
| समिति चेयरमैन | मंगल प्रभात लोढ़ा |
| समिति संयोजक | तेजराज गोलेछा |
चादर महोत्सव न केवल जैन धर्म की परंपराओं को पुनर्जीवित कर रहा है, बल्कि यह ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को भी चरितार्थ कर रहा है। जैसलमेर की गलियों से उठने वाली यह भक्ति की लहर 7 मार्च को जब वैश्विक पाठ के रूप में परिणत होगी, तो वह निश्चित ही इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज की जाएगी।























