देश में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर उठे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय समेत संबंधित पक्षों से 16 मार्च तक जवाब देने को कहा है और स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने की सरकारी नीति का सख्ती से पालन होना चाहिए।
LPG सप्लाई को लेकर दायर हुई याचिका
ये याचिका वकील श्याम दीवानी और साहिल दीवानी के माध्यम से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद नागपुर स्थित कंपनी कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने में विफल रही है।
याचिका में कहा गया है कि सरकार ने पहले ही निर्देश जारी किए थे कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG उत्पादन और सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए। इसके बावजूद कंपनी ने इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
ईरान-इजरायल तनाव से प्रभावित हुई आपूर्ति
याचिका में ये भी बताया गया है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर एलपीजी के उत्पादन और उपलब्धता पर भी पड़ा है।
इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी उत्पादन और सप्लाई को घरेलू बाजार की जरूरतों के अनुसार प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे, ताकि आम लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
कंपनी पर निर्यात को प्राथमिकता देने का आरोप
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि संबंधित कंपनी को कई बार ये जानकारी दी गई कि वो एलपीजी निर्यात कम करके घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाए।
हालांकि, कंपनी की ओर से कथित तौर पर ये जवाब दिया गया कि उसकी निर्यात नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी करना जरूरी है, इसलिए वो घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने में सक्षम नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर ये मामला अदालत तक पहुंचा है।
हाई कोर्ट ने किन-किन को भेजा नोटिस
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस राज डी वाकोडे ने इस याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने निम्न पक्षों को नोटिस जारी किए –
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT)
कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड
अदालत ने इन सभी पक्षों से 16 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
अदालत की अंतरिम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अंतरिम रूप से कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। अदालत ने इस नीति के सख्ती से पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।
महाराष्ट्र में कई जिलों को होती है सप्लाई
याचिका में बताया गया है कि 6 LPG डिस्ट्रिब्यूटर कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड से गैस खरीदते हैं। इसके बाद वे नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में घरों, होटलों, छोटे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी की सप्लाई करते हैं।
यदि आपूर्ति में कमी आती है तो इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों पर पड़ सकता है।
LPG सिलेंडर की आपूर्ति से जुड़ा ये मामला अब न्यायालय के विचाराधीन है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और संबंधित कंपनी के जवाब के बाद ये स्पष्ट होगा कि घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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