महाराष्ट्र

मीरा रोड चाकू हमला: ‘लोन वुल्फ’ साजिश के संकेत, फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे

मीरा रोड
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मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए सनसनीखेज चाकू हमले की जांच अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य आपराधिक घटना माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक जांच और सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल में ऐसे संकेत मिले हैं जो इस मामले को एक संभावित बड़ी साजिश से जोड़ते हैं।

सिर्फ हमला नहीं, बड़ी योजना के संकेत

जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी केवल कट्टरपंथी वीडियो देखने तक सीमित नहीं था। उसने मुंबई के संवेदनशील इलाकों के नक्शों का अध्ययन किया था और तथाकथित ‘लोन वुल्फ’ हमलों से जुड़े टैक्टिकल मैनुअल भी पढ़े थे। इन तथ्यों से ये आशंका मजबूत हो रही है कि वो किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था और मीरा रोड की घटना उसकी शुरुआती कोशिश हो सकती है।

विदेश कनेक्शन की भी जांच

एजेंसियां आरोपी के विदेश में बिताए गए समय की भी गहन जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि वो करीब दो दशकों तक अमेरिका में रहा। अब ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उसकी कट्टर सोच की शुरुआत वहीं से हुई या भारत लौटने के बाद वह इस दिशा में आगे बढ़ा।

केमिस्ट्री बैकग्राउंड ने बढ़ाई चिंता

जांच में ये भी सामने आया है कि आरोपी को केमिस्ट्री का अच्छा ज्ञान था। इसी कारण जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या वो भविष्य में किसी विस्फोटक या केमिकल आधारित हमले की योजना बना रहा था। ये पहलू सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष चिंता का विषय बन गया है।

निजी जिंदगी में बदलाव के बाद बढ़ा अलगाव

सूत्रों के अनुसार, आरोपी की निजी जिंदगी में आए बदलावों ने भी उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाला। 2022 में उसकी पत्नी उसे छोड़कर विदेश चली गई, जिसके बाद वो सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गया। इसी दौरान उसने खुद को कट्टर विचारधारा की ओर मोड़ लिया, जिसे ‘सेल्फ-इंडोक्ट्रिनेशन’ कहा जाता है।

हमला या ‘टेस्ट रन’?

पुलिस को शक है कि निर्माणाधीन साइट पर सुरक्षा गार्ड्स पर हमला कोई आकस्मिक घटना नहीं थी। जांच में ये संभावना भी जताई जा रही है कि आरोपी स्थानीय पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के रिस्पॉन्स टाइम को परखना चाहता था। अगर ये सही साबित होता है, तो ये घटना एक बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा मानी जा सकती है।

डिजिटल गतिविधियां और संदिग्ध संपर्क

केंद्रीय एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि वो ऑनलाइन माध्यम से कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था, जिन्होंने उसे धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर प्रभावित किया। ये जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि क्या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

गुप्त डायरी से मिले अहम सुराग

तलाशी के दौरान आरोपी के घर से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें उसने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की थी। डायरी में इस हमले को अपने ‘मिशन’ की शुरुआत बताया गया है, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

घटना के बाद इलाके में तनाव

मीरा रोड के नया नगर इलाके में ये हमला उस समय हुआ जब आरोपी ने एक निर्माणाधीन इमारत में तैनात दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकू से हमला किया। बताया जा रहा है कि उसने पहले गार्ड्स से धार्मिक पहचान से जुड़े सवाल किए और जवाब न मिलने पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आतंकी एंगल से जांच जारी

फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को आतंकी एंगल से देख रही हैं। ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है।

ये घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ और ‘लोन वुल्फ’ हमलों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

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